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UP Tourism: उत्तर प्रदेश के रोमांचक और मनोरम जलपर्यटन स्थल अब विश्व भर के आकर्षण का केंद्र होंगे

UP Tourism

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UP Tourism: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बुलडोजर बाबा योगी जी ने अब अपनी नई पहचान “जल बाबा”  बनने पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश के तालाब झरनों नदियों के मनोरम दृश्य को विश्व स्तर पर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए नई पर्यटन नीति को मंजूरी दे दी है। जल पर्यटन एवं साहसिक क्रीडा की नई नीति के तहत उत्तर प्रदेश के तमाम स्थानों में व्यापक पैमाने पर जल आधारित पर्यटन स्थलों का विकास  होगा। उत्तर प्रदेश के बुलडोजर योगी बाबा ने पर्यटन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाए हैं। जल पर्यटन स्थलों का विकास, उनकी खूबसूरती ,कल कल बहते झरने और नदियों के किनारे पर्यटकों को आकर्षित करते साहसिक क्रीड़ाओं की तमाम अठखेलियां यूपी को नई पहचान देगी। उत्तर प्रदेश में पहाड़, झरने नदियों की प्राकृतिक संपदा का अपार खजाना है और इस खजाने से हम देश में एडवेंचर स्पोर्ट्स पसंद करने वालों के लिए तमाम नई संभावनाएं लेकर आए हैं।

बुलडोजर बाबा अब बनेगें जल बाबा !

UP Tourism: नीति का मकसद उत्तर प्रदेश के जल खजाने से पूरी दुनिया के पर्यटकों को यूपी में बुलाकर देश की नई पहचान बनाना हैं। इसके लिए योगी सरकार ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक में जल आधारित नई पर्यटन एवम साहसिक क्रीड़ा नीति 2023 को मंजूरी दी। आईए जानते हैं यह क्रीडा नीति क्या है और कैसे अपने जल भंडारण को योगी पर्यटन की नई पहचान बनाएंगे… जल शक्ति के सागर मंथन में रोजगार, पर्यटन से आर्थिक विकास की संभावनाएं, पहाड़ी इलाकों की संपदा का समुचित विकास और साहस दिखाने वालों के लिए रोमांचक आनंद का भरपूर खजाना होगा। इससे पर्यटन उद्योग में हेरिटेज मॉल ,हेरीटेज पार्क, हेरिटेज होटल की संभावनाएं भी विकसित होंगी ।

जल आधारित पर्यटन एवम साहसिक क्रीड़ा नीति 2023 को मंजूरी …

जल आधारित पर्यटन एवं साहसिक क्रीडानीति के तहत  उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर देखेंने को मिलेगी जहां जल आधारित पर्यटन और उसके विकास के लिए अपार संभावनाएं होगी । उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक नई  जलपर्यटन एवं क्रीड़ा नीति की मंजूरी के साथ इस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में विंध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की पहाड़ियों, हिमालय के क्षेत्र में लगभग 16620 वर्ग किलोमीटर वन इलाके में सुंदर परिदृश्य, जलाशय, झरने,झील नदियों और वन के विस्तार के साथ साहसिक क्रीड़ा गतिविधियों के लिए व्यापक संभावनाओं के साथ कार्य होगा।

यह नीति राज्य सरकार द्वारा मौजूदा मंजूरी के तहत अधिसूचित 10 वर्षों के लिए लागू होगी

जल पर्यटन एवं साहसिक क्रीडा नीति 2023 लागू करने के लिए नोडल एजेंसी के द्वारा मंडल स्तर पर बनेगी समितियां

UP Tourism: नीति को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए नोडल एजेंसी द्वारा मंडल स्तर पर साहसिक क्रीडा यूनिट का सृजन किया जाएगा । इन यूनिट में पूर्व सैनिकों की भागीदारी तय की जाएगी। एडवेंचरस्पोर्ट्स में पूर्व सैनिकों की भागीदारी के लिए पर्यटन विकास निगम उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक निगम और एएमयू  साइन करेगा। नोडल एजेंसी द्वारा अधिसूचित भूखंड क्षेत्र और जल स्रोतों पर जल पर्यटन एवं साहसिक क्रीड़ा क्षमता का अध्ययन करेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे । इस नई पर्यटन नीति के लागू होने के 60 दिनों के अंदर तमाम पैमाने पर विस्तृत एस ओ पी तैयार की जाएगी।

पर्यटक केन्द्रों को भी किया जाएगा आधुनिक तरीके से विकसित

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पर्यटन मंत्री ने 86 पर्यटक स्थलों का भी जिक्र किया और पर्यटक स्थलों को विकसित करने की जानकारी भी दी। इन स्थलों को पीपीपी मोड पर विकसित करने का अनुमोदन था इनमें से 10 को ई टेंडरिंग के आधार पर बेसप्राइस से भी अधिक बिड प्राप्त हुई। इसके लिए भी मंजूरी प्राप्त हो गई है। इनमे सोनाली , महाराज गंज, बटेश्वर आगरा, गोकुलधाम, कालिंजरबांदा ,गोकुलधाम, सांडी हरदोई, नीमसार ,सीतापुर,देवगढ़ ,ललितपुर एवं भदोही के पर्यटक स्थल सम्मिलित है। इनके रखरखाव के लिए पहली बार में 30 सालों के लिए दूसरी बार में 30 सालों के रेनूयल और तीसरी बार में दो 2 साल के कंस्ट्रक्शन के लिए लीज पर दिया जाएगा यानी कुल मिलाकर 62 वर्षों की लंबी नीति है जो उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान देगी। उत्तर प्रदेश के होटल मॉल और सांस्कृतिक हेरिटेज को पर्यटन के पीपीपी माडल के रूप में विकसित किया जाएगा ।

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक पैमाने पर हेरिटेज बिल्डिंग हेरिटेज, हेरिटेज मॉल ,हेरीटेजरे स्टोरेंट, हेरिटेज वैलनेस स्टे सेंटर हेरीटेज पार्क, हेरिटेज म्यूजियम आदि को विकसित करने का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश की समृद्ध पहचान को विश्व के सामने रखना है। पर्यटन मंत्री  ने कहा ,जल से पर्यटन की समृद्धि का अपार खजाना है हमें इसे विकसित करके भारत और विश्व स्तर पर आधुनिक ढंग से परोसना है जहां सुविधाओं के साथ-साथ सुंदर मनोरम स्थलों का एक आकर्षक रूप हो ।
मीना कौशिक

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