Dadri: दादरी। पुलिस ने उस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। जिसमें कहा जाता है कि "एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी"। जी हां कुछ ऐसा ही कर रही है गौतमबुद्धनगर कमिश्नरी के अंतर्गत आने वाले थाना चारजा की पुलिस। दरअसल कुछ दिनों पूर्व रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए दरोगा की शिकायत करने वाले पीडि़तों को अब पुलिस डरा-धमका रही है।
ज्ञात हो कि थाना जारचा मंे तैनात दरोगा योगेन्द्र को विगत 7 जून को 30 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण यूनिट मेरठ ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब दरोगाा की शिकायत करने वाले रफाकत पुत्र शराफत निवासी ग्राम कलौंदा ने आरोप लगाया है कि जारचा थाने में तैनात एक दरोगा एक और पुलिस अधिकारी के साथ उनके घर आए थे, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। रफाकत का आरोप है कि उसके परिवार ने पुलिस के डर की वजह से गांव छोड़ दिया है।
उसने आरोप लगाया कि 8 जून को उसके छोटे भाई नन्हें को एक फोन आया जिसमें थाना जारचा में तैनात दरोगा आनंद ने उनसे कहा कि वह रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए दरोगा की मदद करें। नही तो उनके परिवार के सदस्यों को झूठे मुकदमें में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। यहां तक कहा है कि तुम्हें "पेल" दूंगा।
पीडित ने आरोप लगाया है कि दरोगा ने उनके बच्चे और बुजुर्गों को भी गिरफ्तार कर बर्बाद करने की धमकी दी है। इस संबंध मंे पीडि़त ने एक पत्र गौतमबुद्धनगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह को लिखकर दरोगा आंनद व उनके साथ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।