
Ukraine Russia War : यूक्रेन पर रूसी हमले (Ukraine Russia War) के चलते वहां फंसे भारत समेत अन्य देशों के छात्रों को बाहर निकलने (Ukraine Russia War) में काफी मुश्किल आ रही है। इन छात्रों के लिए यूक्रेनी सरकार ने हॉटलाइन स्थापित की है। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने इसकी जानकारी देते हुए हॉटलाइन का नंबर शेयर किया है।
पिछले सप्ताह आज गुरुवार के दिन ही यूक्रेन के ऊपर रूस ने हमला बोल दिया था। इन आठ दिनों में यूक्रेन में परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। यूक्रेन के कई क्षेत्रों पर रूस ने अधिकार कर लिया है वहीं राजधानी कीव और खारकीव समेत कई शहरों में लड़ाई छिड़ी हुई है। इस दौरान यूक्रेन में पढ़ने वाले विदेशी छात्र फंस गए हैं जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हुए हैं। ये छात्र यूक्रेन से निकलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भीषण लड़ाई के चलते इन छात्रों को बड़ी मुश्किल आ रही है।
खास बात ये है कि यूक्रेन का हवाई क्षेत्र विमानों के लिए बंद कर दिया गया है जिसके चलते इन छात्रों को पहले पड़ोसी देशों में पहुंचाया जा रहा है और वहां से विमान के जरिए स्वदेश भेजा जा रहा है। जंग के चलते ये छात्र शहरों में फंस गए हैं और बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अब इन छात्रों की मदद के लिए यूक्रेन ने हॉटलाइन स्थापित की है जिसकी जानकारी यूक्रेनी विदेश मंत्री ने ट्विटर पर दी है।
विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबो ने ट्विटर पर लिखा "हमने अफ्रीकी, एशियाई और अन्य छात्रों के लिए हॉटलाइन स्थापित की है जो रूसी हमले के चलते यूक्रेन छोड़ना चाहते हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने हॉटलाइन का नंबर भी शेयर किया है- +380934185684 उन्होंने आगे लिखा "हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके निकालने में तेजी लाने के लिए गहनता से काम कर रहे हैं। रूस को अपनी आक्रामकता को रोकना चाहिए जो हम सभी को प्रभावित करती है।"
यूक्रेन में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं जो कि रूसी हमले के चलते वहां फंसे हुए हैं। इन छात्रों को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा नामक अभियान चलाया है। छात्रों की सुरक्षित वापसी कराने के लिए अभियान की निगरानी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के चार मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजे गए हैं। अभी तक दो भारतीय छात्रों की यूक्रेन में मौत हो चुकी है। इनमें एक छात्र की खारकीव में रूसी गोलीबारी में मौत हुई है।