
UP Assembly elections : वर्तमान की राजनीति में एक ही परिवार के लोग अलग अलग राजनीतिक दलों में रहकर चल रहे हैं। हालांकि ये कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन हम आपको बताएंगे एक ऐसी सीट के बारे में जहां से पति और पत्नी एक टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। ये सीट उत्तर प्रदेश से है। यूपी के लखनऊ में सरोजनीनगर विधानसभा सीट पर दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी स्वाति सिंह टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वो भी एक ही राजनीतिक दल से।
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बीबीसी के अनुसार स्वाति सिंह, दयाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी फ़िलहाल सरोजनीनगर सीट से विधायक हैं और महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। अब वर्तमान विधानसभा चुनाव में दया शंकर सिंह और उनकी पत्नी स्वाति, दोनों ही भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
एक बातचीत में दयाशंकर सिंह ने कहा कि वो भी सरोजनीनगर सीट से टिकट चाहते हैं। लेकिन साथ में ये भी जोड़ते हुए कहा कि मैं जानता हूँ कि ऐसा भी नहीं है कि मैं जो चाहूंगा पार्टी वही करेगी। पार्टी जिसको मज़बूत समझती है, उचित समझती है, उसी को लड़ा दे।
सरोजनीनगर सीट से उनकी दावेदारी क्यों बनती है? इस सवाल के जवाब में वो कहते हैं, "पिछली बार भी मेरी दावेदारी थी। लेकिन पार्टी ने कहा आप मत लड़ें, स्वाति सिंह को चुनाव लड़वाने में मदद करें। तो मैंने अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाया। दावेदारी तो हर समय रहती है। बाक़ी निर्णय पार्टी का है।
वैसे भाजपा हमेशा से परिवारवाद का विरोध करने वाली पार्टी के तौर पर जानी जाती है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि पार्टी एक ही परिवार के दो लोगों को टिकट नहीं देती। भाजपा के अंदर ऐसे उदाहरण हैं, जब एक ही परिवार में कोई सदस्य बीजेपी का सांसद है और दूसरा सदस्य विधायक। राजनाथ सिंह सांसद हैं और उनके बेटे पंकज सिंह विधायक हैं, जिन्हें इस बार भी टिकट मिला है।