UP Election Results 2022: कैसे होती है मतगणना? जानिये कैसे मशीन से गिने जाते हैं वोट
Up Election Results 2022
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:19 PM
UP Election Results 2022: लखनऊ. पांच राज्यों में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक विधानसभा चुनाव (Assembly Elections 2022) हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Election Results 2022) में सात चरणों में विधानसभा चुनाव हुए हैं. अब 10 मार्च को सभी पांचों राज्यों की मतगणना होनी है. चुनाव नतीजों का इंतजार सभी राजनीतिक दल बेसब्री से कर रहे हैं. इन चुनावों में इस बार उत्तर प्रदेश और पंजाब काफी अहम माना जा रहा है. ऐसे में सभी की नजरें 10 तारीख को होने वाली मतगणना (Elections Counting Day) पर टिकी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपीएटी मशीनों (VVPAT) के जरिये चुनाव कराने के बाद इनसे मतगणना कैसे होती है?
1. मतदान के बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को सीलबंद करके स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया जाता है. इनकी सुरक्षा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान संभालते हैं. इनकी सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे से भी होती है.
2. राज्य निर्वाचन अधिकारी आमतौर पर जिले के किसी बड़ी जगह को मतगणना के लिए तय करता है. फिर मतगणना वाले दिन इसी जगह पर विधानसभा क्षेत्र के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट से वोटों की गिनती होती है.
3. मतगणना सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच मतगणना स्थल पर शुरू हो जाती है. इससे कुछ समय पहले ही कर्मचारियों और पार्टी एजेंटों को वहां एंट्री दी जाती है.
4. हर घंटे औसतन करीब 4 राउंड की मतगणना होती है. जिस भी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम राउंड होते हैं, उसकी मतगणना पहले की जाती है.
5. मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलट की गिनती से होती है. जब पोस्टल बैलट की गिनती शुरू हो जाती है तो आधे घंटे से एक घंटे के बीच में ईवीएम से मतगणना शुरू की जाती है.
6. इस दौरान स्ट्रॉन्ग रूम से ईवीएम को निकालकर मतगणना स्थल पर लाया जाता है. इसके बाद उन्हें काउंटिंग टेबल पर रखा जाता है. गौर करने वाली बात यह है कि एक बार में अधिक से अधिक 14 ईवीएम से मतगणना की जाती है. जब इन ईवीएम से मतगणना पूरी हो जाती है तो उसे पहला राउंड कहा जाता है.
7. ईवीएम की मतगणना की प्रक्रिया में सबसे पहले मतगणना पर्यवेक्षक का काम यह सुनिश्चित करना होता है कि ईवीएम से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ ना की गई हो.
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8. इसके बाद चुनाव एजेंटों को मतगणना शुरू होने की जानकारी दी जाती है. चुनाव अधिकारी इसके बाद ईवीएम में रिजल्ट के बटन को दबाते हैं. ऐसे में उस ईवीएम में पड़े सभी उम्मीदवारों को पड़े वोटों की संख्या लिखी आ जाती है.
9. इस प्रक्रिया के बाद कर्मचारी हर उम्मीदवार को पड़े वोटों की संख्या को लिखकर रिटर्निंग ऑफिसर के पास दर्ज कराने के लिए भेज देता है. जब सभी आंकड़े एकत्र हो जाते हैं तो उस चरण के नतीजों का ऐलान किया जाता है.
10. ईवीएम से होने वाली प्रत्येक चरण की मतगणना की जानकारी मुख्य चुनाव अधिकारी को उपलब्ध कराई जाती है. इसके बाद इन आंकड़ों को चुनाव आयोग के सर्वर में फीड किया जाता है.
11. जब एक राउंड की मतगणना पूरी हो जाती है तो ईवीएम के आंकड़ों और कागज की शीट में भरे गए आंकड़ों का मिलान भी किया जाता है.
12. जब मिलान प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो इन आंकड़ों को रिटर्निंग ऑफिसर और उम्मीदवारों के एजेंटों को भी बताया जाता है.
13. हर मतगणना स्थल पर मतगणना टेबल के पास बोर्ड लगा होता है. इसमें हर राउंड के काउंटिंग के परिणामों को दर्ज किया जाता है.
14. वोटों की गिनती ईवीएम से तब तक जारी रहती है, जब तक की आखिरी वोट नहीं गिन लिया जाता. इसके खत्म होने का कोई समय निर्धारित नहीं होता.
15. किसी विवाद या आशंका की स्थिति में ईवीएम से निकले आंकड़ों को वोटर वेरिफियेबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी VVPAT की पर्चियों से मिलाया जाता है.