
UP News: यह खबर यूपी की राजधानी लखनऊ और दिल्ली दोनों जगहों से जुड़ी है। क्योंकि एक बड़े मीडिया घराने के लखनऊ ब्यूरो में कार्यरत एक महिला पत्रकार ने एक विज्ञापन कंपनी के सीएमडी पर उसके साथ संबंध बनाए जाने का दबाव बनाने तथा मना करने पर तीन माह से अधिक का वेतन रोकने के आरोप लगाए हैं। इस महिला पत्रकार ने दिल्ली में ज्वाइन किया था और बाद में उसे लखनऊ भेज दिया गया था।
आपको बता दें कि करीब सात माह पूर्व एक मीडिया हाउस के लखनऊ ब्यूरो में एक महिला पत्रकार ने ज्वाइन किया था। अब इस महिला पत्रकार ने लखनऊ महानगर के महिला थाने में एक तहरीर देकर पूर्व की कंपनी पूर्णिमा एडवरटाइजिंग के सीएमडी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला पत्रकार द्वारा थाने में दी गई तहरीर में कहा गया कि विज्ञापन कंपनी पूर्णिमा एडवरटाइजिंग के सीएमडी अशोक सोनी ने जुलाई माह में दिल्ली और लखनऊ के लिए शाखा प्रबंधक के पद पर नियुक्त किया था। पहला काम छह माह के कांट्रेक्ट पर नियुक्त कर दिल्ली से लखनऊ भेजा गया। इन छह माह में महिला पत्रकार को कंपनी को लखनऊ सूचना विभाग में सूचीबद्ध करना था। महिला पत्रकार ने अपनी तहरीर में कहा कि ज्वाइनिंग के वक्त ही मालिक का व्यवहार अटपटा लगा, क्योंकि ज्वाइनिंग के दो दिन बाद ही उसने साड़ी पहनने के लिए कहा था।
आरोप लगाया कि विज्ञापन कंपनी के मालिक ने उसे फोन करके दोस्ती करने के लिए भी दबाव बनाया। आरोप है कि महिला पत्रकार के शरीर को लेकर भी अभद्र भाषा का प्रयोग कंपनी के मालिक द्वारा किया जाता था और अनावश्यक अभद्र टिप्पणी भी की जाती थी। आरोप है कि 17 सितंबर 2022 को कंपनी फोन करके कहा कि वह लखनऊ आने वाले हैं। 19 सितंबर को बोले कि वह आज शाम की ट्रेन से लखनऊ आ रहा हूं। तुम्हे ज्वाइन किए तीन माह हो गए, मैं देखना चाहता हूं कि आखिर तुम्हारा काम कैसा है। आरोप है कि विज्ञापन कपंनी के मालिक ने महिला पत्रकार से उनके साथ होटल में रुकने के लिए भी दबाव बनाया। लेकिन महिला पत्रकार ने मना कर दिया। महिला पत्रकार ने तहरीर में कहा कि मालिक की गलत बातें न मानने पर उन्होंने उसका तीन माह का वेतन रोक लिया है। इस बारे में जब विज्ञापन कंपनी के सीएडी से उसना पक्ष जाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका है।