
बता दें कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बाद शिवपाल ने न सिर्फ अखिलेश यादव को अपना नेता घोषित किया थे, बल्कि ये तक कहा था कि, उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए हर लेवल पर संघर्ष करेंगे. (UP Politics)
>> यह भी पढ़े:- दिल्ली – MP समेत इन राज्यों पर आज से टूटेगा लू का कहर…. समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बाद शिवपाल यादव को उम्मीद थी कि, उनके करीबी नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, लेकिन सिर्फ शिवपाल यादव चुनाव लड़े, वह भी समाजवादी पार्टी के साइकिल के चुनाव चिन्ह पर. ऐसे में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता दूसरे दलों का रुख कर गए. इसके बाद भी शिवपाल यादव चुनाव मैदान में लगे रहे. (UP Politics) वहीं, अब सपा में शिवपाल सिंह यादव के लिए फिलहाल कुछ नही बचा है. अखिलेश खुद नेता विपक्ष (Leader of the Opposition) बन चुके हैं और समाजवादी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को तो बनाएंगे नहीं. ऐसे में सिर्फ विधायक बने रहना शिवपाल को मंजूर नहीं. ऐसी में यह भी चर्चा है कि शिवपाल न सिर्फ अलग सियासी रास्ता ढूंढ रहे हैं बल्कि उस दिशा में अपने सियासी कदम भी बढ़ा चुके है. अब उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ये मुलाकात अटकलों को बढ़ा रही है. (UP Politics) >> यह भी पढ़े:- पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज फिर 80-80 पैसे प्रति लीटर बढ़े