जीवन के सबसे महत्वपूर्ण विषय SEX पर कोई भी खुलकर बात नहीं करता है। SEX के विषय में खुलकर बात करने को अनैतिक बात माना जाता है। जब हम बात ही नहीं करते तो फिर स्कूल तथा कॉलिजों में SEX की शिक्षा की बात करना तो बहुत दूर की बात है।

Sex Education : यौन संबंध यानि कि SEX पूरे ब्रह्माण्ड (UNIVERSE) का मूल आधार है। पूरी सृष्टि की रचना SEX के द्वारा ही हुई है तथा लगातार हो रही है। वनस्पति का उगना, फूलों का खिलना, पक्षियों को चहकना तथा मानव जीवन का आगे बढऩा सब कुछ SEX के द्वारा ही संचालित होता है। जीवन के सबसे महत्वपूर्ण विषय SEX पर कोई भी खुलकर बात नहीं करता है। SEX के विषय में खुलकर बात करने को अनैतिक बात माना जाता है। जब हम बात ही नहीं करते तो फिर स्कूल तथा कॉलिजों में SEX की शिक्षा की बात करना तो बहुत दूर की बात है।
बदलते परिवेश में स्वास्थ्य खान पान और स्कूलों में पढ़ाया जाने वाला किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। अधिकतर किशोर और वयस्क हमारे शरीर के विभिन्न अंगों से परिचित हैं और वे कैसे कार्य करते हैं। इसे भी जानते है। लेकिन SEX की बात आती है तो किशोरों को तो छोड़िये कई वयस्कों के पास भी पर्याप्त जानकारी नहीं होती है। परिणामस्वरूप SEX एजुकेशन से जुड़ी भ्रांतियां, SEX संबंधी अंधविश्वास और इससे जुड़ी कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिये स्त्री-पुरुष दोनों को SEX के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। समाज का मानना है कि शादी से पहले यौन शिक्षा जरूरी नहीं है। उनके विचारों से यौन शिक्षा भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। देखा जाए तो लोग इस विषय या मुद्दों पर बात करना वर्जित मानते हैं। उनकी सोच है कि इस विषय पर बात करने से किशोरों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। लेकिन, समय बदलने के साथ ही SEX संबंधों को लेकर धारणा भी बदली है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों पर यौन शिक्षा दी जानी अनिवार्य है। खासकर आज के समय में यह और भी जरूरी हो गया है, ताकि बच्चे उम्र के साथ होने वाले शारीरिक परिवर्तनों को बेहतर तरीके से समझ सकें। साथ ही यौन क्रिया और उससे जुड़े नुकसान से भी अवगत हो
सबसे पहले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में SEX शिक्षा अनिवार्य कर देनी चाहिए। इसमें SEX शिक्षा के सभी पहलुओं को जरूर शामिल करना चाहिए, जिससे बच्चों को SEX के बारे में जानकारियां हों। सिर्फ लड़कियों को ही नहीं, बल्कि लड़कों को भी मासिक धर्म के बारे में पता होना चाहिए, ताकि लड़का और लड़की दोनों शरीर में होने वाली प्राकृतिक घटना के रूप में इसे स्वीकार कर सकें। गर्भावस्था, यौन संचारित रोग (एसटीडी) और मानव इम्यूनो वायरस (एचआईवी) के बारे में जागरूकता लाने के लिए SEX शिक्षा की आवश्यकता है, ताकि युवा अधिक जिम्मेदार बन सकें और SEX के संबंध में बेहतर निर्णय ले सकें। सभी लड़कियों और लड़कों को गर्भनिरोधक और सुरक्षित SEX के बारे में पता होना चाहिए। बच्चों को इस बात की जानकारी दी जाये कि SEX क्रिया में भागीदारी की सही उम्र क्या है और इस क्रिया में सही उम्र का ना होना कितना नुकसानदेह साबित हो सकता है। Sex Education