अंजना भागी
बचत ही है जो हमें कर्ज तथा आर्थिक तनाव से दूर रखती है । स्पेन 1921 से इस दिन का जश्न मना रहा था जर्मनी ने भी कुछ ही साल बाद 1923 में मनाना शुरू किया| लेकिन विश्व बचत दिवस पहली बार 1924 में मनाया गया था। थ्रिफ्ट' यानि के संसाधनों का बुद्धिमता और सावधानीपूर्वक उपयोग ताकि ये खतम न हों तथा सदैव हमारी ताकत बने रहें। 1925 में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय बचत बैंक कांग्रेस (वर्ल्ड सोसाइटी ऑफ़ सेविंग्स बैंक) के दौरान विश्व बचत दिवस की स्थापना पूरी तरह से हुई थी। उस समय 29 देशों ने इसे अपनाया था। प्रथम विश्व युद्ध के बाद लोगों की माली हालत बहुत दयनीय थी। फिर भी जो भी हमारे पास था उसको भी किफायत से इस्तेमाल कर हम जीवन आगे बढ़ायेँ यही लक्ष्य था ।
बचत ही है जो हमें कर्ज तथा आर्थिक तनाव से दूर रखती है
इतालवी प्रोफेसर फिलिप रवीजा द्वारा 30 अक्टूबर 1924 को पहली अंतर्राष्ट्रीय बचत बैंक कांग्रेस में यह विचार रखा गया था । 31 अक्टूबर 1924 को विश्व बचत दिवस के रूप में इसे नामित किया गया । इसमें बैंकों ने पूर्ण रूप से भागीदारी की तथा महिला संगठनों, पेशेवरों, खेल संघों, पादरी, स्कूलों और अन्य कई संगठनों से भी इसको अच्छा खासा समर्थन मिला और इस दिन को मूल रूप से नैतिक और आर्थिक वृद्धि के उद्देश्य से पूरा सहयोग दिया गया। विश्व बचत दिवस पूरे विश्व में 30 अक्टूबर को मनाते हैं। पर भारत की पहली महिला प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का इसी दिन निधन हुआ था इसलिए भारत में इसे 31 अक्टूबर को मनाते हैं।
बचत ही है जो हमें कर्ज तथा आर्थिक तनाव से दूर रखती है
हर परिवार में जैसे हम बच्चों को अच्छे संस्कार, अच्छी आदतें सिखाते हैं वैसे ही बचत करना एक अच्छी आदत के रूप में हर माता – पिता को अपने बच्चों को सीखना ही चाहिए। बचत खाली धन की ही नहीं होती। बल्कि सभी संसाधनों की भी होती है। एक बार यदि हम बचत के मंत्र में पूर्णता प्राप्त कर लेते हैं तो बचता अंत में धन ही है। इस बात को आप सभी स्वीकार करेंगे की धन के अभाव में बहुत से कार्य जहां अटक जाते हैं वहीं धन के सही इस्तेमाल से जीवन शांतिपूर्ण ढंग से आगे भी बढ़ता है।
बचत ही है जो हमें कर्ज तथा आर्थिक तनाव से दूर रखती है
अन्य कुछ मुख्य दिवसों की तरह विश्व बचत दिवस का भी अपना ही महत्व बना जैसे कि इस दिन को मनाने के लिए हमें कहीं न कहीं बचत ही करनी होती है जीवन की आवश्यकताओं एवं वित्तीय संसाधनों के उठते-गिरते ग्राफ को देखते हुए हर व्यक्ति को अपनी आय के बारे में अधिक से अधिक जागरूक हो सही ढंग से बचत करने की कोशिश करनी ही चाहिए। खासकर वे जो गरीब अथवा मध्य आय वर्ग से हैं उन लोगों के लिए इस दिन का विशेष महत्व होता है।
बचत ही है जो हमें कर्ज तथा आर्थिक तनाव से दूर रखती है
जैसे कि बेरोजगारी और गरीबी आज भी विश्व भर में चरम सीमा पर है। ऐसे में बचत की धनराशि ही संकट काल में हमारी शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय अथवा स्वास्थ्य सेवा को सुचारु रखती है। हम घर में बहुत सी खास बातों पर चर्चा करते हैं। वैसे ही परिवार के सदस्यों में बचत पर चर्चा करें जैसे की फालतू समान जो की हमें नहीं चाहिए फिर भी खरीद लेते हैं। जैसे की कपड़े आज कल फटते ही नहीं फिर भी हम बेवजह खरीदतें हैं। मेरी माने तो विश्वबचत दिवस को भी भाई - दूज राखी की तरह ही मनाएँ। तथा कहीं कोई भी छोटी या बड़ी बचत की शुरुआत इस दिन से अवश्य करें ।