Greater Noida News : परिवार रजिस्टर अपडेट न होने से गांवों में बढ़ रहे हैं जमीनी विवाद
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:56 AM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के गांवों में जमीनों के दाम में दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी होने की वजह से पारिवारिक विवाद और रंजिश बढ़ रही है। इससे थानों और अदालतों में जमीनी विवाद से जुड़े मामलों मंे भी इजाफा हो रहा है। जमीन जायदाद से जुड़े पारिवारिक विवादों में वृद्धि का एक मूल कारण पंचायत राज व्यवस्था से वंचित 288 गांवों के निवासियों के परिवारिक सदस्यों का ब्यौरा परिवार रजिस्टर में अपडेट न होना भी है।
गौतमबुद्ध नगर की लगभग 288 ग्राम पंचायतों को इंडस्ट्रियल टाउनशिप घोषित किया गया है। इससे इन गांवों में सन् 2015 से पंचायतों का गठन बंद कर दिया गया है। पंचायत राज व्यवस्था से वंचित ये 288 ग्राम पंचायतें विकास खंड बिसरख, दादरी और दनकौर के क्षेत्र में आती थीं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के नोटिफाइड क्षेत्र में स्थित इन गांवों में पंचायत राज व्यवस्था समाप्त होने के बाद से किसी सरकारी कर्मचारी की तैनाती न होने की वजह से इन गांवों के बाशिंदो के पारिवारिक सदस्यों का ब्यौरा परिवार रजिस्टर में अपडेट नहीं किया जा रहा है। इससे पारिवारिक संपत्ति जैसे अनेक तरह के विवाद उत्पन्न हो रहे हैं।
पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम विकास अधिकारी अपने आधिकारिक क्षेत्र के गांवों के परिवार रजिस्टर में परिवार का समस्त लेखा-जोखा अपडेट रखते थे। लेकिन, अब इन 288 गांवों में परिवार रजिस्टर अपडेट करने के लिए किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति न तो जिला प्रशासन की तरफ से की गई है और ना ही प्राधिकरणों की तरफ से कोई व्यवस्था की गई है। जिससे इन गांवों में जमीन जायदाद से जुड़े बहुत से विवाद और आपसी रंजिश उत्पन्न हो रहे हैं।
इन गांवों के निवासी जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर में नाम अपडेशन जैसी ब्लॉक स्तर पर मिलने वाली तमाम सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। गांवों के लोग अभी इतने शिक्षित नहीं हैं कि वह डिजिटलाइजेशन का प्रॉपर लाभ ले सकें। इसलिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के इंडस्ट्रियल टाउनशिप घोषित 288 गांवों में परिवार रजिस्टर अपडेट कराने के साथ ही विकास खंड व ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र व राशन कार्ड बनवाने जैसी सुविधाओं को बहाल करने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। गौतमबुद्ध नगर के जनप्रतिनिधियों को भी इंडस्ट्रियल टाउनशिप घोषित गांवों से जुड़े इन मुद्दों का संज्ञान लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर निस्तारण कराना चाहिए।