PM Modi : ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है डेयरी सेक्टर, दुनियाभर के करोड़ों लोगों की आजीविका भी साधन: पीएम मोदी
भारत
RP Raghuvanshi
12 Sep 2022 05:53 PM
भारत
RP Raghuvanshi
12 Sep 2022 05:53 PM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। विश्व डेयरी समिट (World Dairy Summit) का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार देश की महिलाएं हैं। भारत के डेयरी कोऑपरेटिव में भी एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं ही हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। साल, 2014 में भारत में 146 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता था। अब ये बढ़कर 210 मिलियन टन तक पहुंच गया है। बीते आठ वर्षों में इसमें करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि विश्व के विकसित देशों से अलग, भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत छोटे किसान हैं। आज भारत में डेयरी कोऑपरेटिव का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। डेयरी सेक्टर की क्षमता न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देता है, बल्कि ये दुनियाभर में करोड़ों लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है। आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से हम पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान कर रहे हैं। हमने इसे पशु आधार नाम दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से हमारी सरकार ने भारत के डेयरी सेक्टर के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए निरंतर काम किया है। आज इसका परिणाम मिल्क प्रोडक्शन से लेकर किसानों की बढ़ी आय में भी नजर आ रहा है। भारत के डेयरी सेक्टर में मातृशक्ति का 70 प्रतिशत वर्कफोर्स का प्रतिनिधित्व करती है। भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार यही महिलाएं हैं। भारत के डेयरी कोऑपरेटिव में भी एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं ही हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा कि आज भारत में डेयरी कोऑपरेटिव का ऐसा विशाल नेटवर्क है, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। ये डेयरी कोऑपरेटिव देश के दो लाख से ज्यादा गांवों में, करीब-करीब दो करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं।