
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 07 अक्टूबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “एडीएम न्यायिक, पूर्व एडीएम और पेशकार पर केस दर्ज” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव ढाकावाला दनकौर निवासी ने मेरठ की विशेष अदालत (भ्रष्टाचार निवारण द्वितीय) में तीन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि गौतमबुद्धनगर में चल रहे एक भूमि विवाद प्रकरण में संबंधित चकबंदी अधिकारियों द्वारा अवैध धन लेकर न्यायिक आदेशों में हेराफेरी की गई। बाद में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगकर दबाव बनाया गया। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उपसंचालक अधिकारी चकबंदी व जिले में एडीएम न्यायिक के पद पर तैनात भैरपाल सिंह, पूर्व उपसंचालक अधिकारी व जिले में तैनात रहे पूर्व एडीएम (प्रशासन) दिवाकर सिंह और पेशकार शीशपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता देवराज नागर ने बताया कि मामला वर्ष 2017-18 में उपसंचालक अधिकारी चकबंदी गौतमबुद्धनगर की न्यायालय में विचाराधीन था। विपक्षी पक्ष में सविता देवी, स्नेहलता और सुरेश देवी थीं। जिन्होंने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से आपत्ति दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन पीठासीन अधिकारी दिवाकर सिंह ने 10 नवंबर 2020 को बंदोबस्त अधिकारी द्वारा पारित एकतरफा आदेश (दिनांक 22 अगस्त 2016) - को निरस्त करते हुए पुनः सुनवाई के लिए - चकबंदी अधिकारी के पास भेजा था। साथ ही -देरी के लिए देवराज नागर पर 10 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया गया था। देवराज नागर के अनुसार यह राशि 17 नवंबर 2020 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सूरजपुर कलेक्ट्रेट में पेशकार शीशपाल के माध्यम से जमा कराई गई और रसीद न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई थी। वहीं एसीपी सेंट्रल नोएडा बीएस वीर का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “आयुर्वेद के लाइसेंस पर एलोपैथी का धंधा, मौत के बाद अस्पताल सील” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जारचा के प्यावली गांव में इलाज के दौरान किशोर की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जांच में अनियमितता मिलने पर गांव के निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है। अस्पताल के पास आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाइसेंस मिला है जबकि एलोपैथी चिकित्सा से इलाज किया जा रहा था। अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
जारचा कोतवाली क्षेत्र के प्यावली गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत में बताया कि उनका भतीजा रजत भाटी 4 अक्तूबर को गांव के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया। जिससे रजत की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने - की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जाएगी
Hindi News:
अमर उजाला ने 10 अक्टूबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “कारोबारी भाइयों को बंधक बनाकर 4.62 करोड़ रुपये का लिया चेक” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले दो कारोबारी भाइयों को होटल में बंधक बनाकर 4.62 करोड़ रुपये के चेक साइन कराकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने के बाहर से आरोपी अपने साथ ले गए। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली फेज थ्री में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले अविचंद और विजित कारोबारी हैं और दोनों भाई हैं। दोनों का दिल्ली के रहने वाले प्रवीण व आकाश से लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। इस कारण दोनों भाई परेशान थे और 13 मई को दोनों भाई इस विवाद को लेकर शिकायत करने कोतवाली फेज थ्री पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों भाई थाने से जैसे बाहर निकले कि प्रवीण, आकाश व तीन लोगों ने दोनों भाई को रोक लिया। उनके हाथ से गाड़ी की चाबी भी छीन ली।
आरोपियों ने दोनों भाइयों को जबरन कार में बैठाकर सेक्टर 74 नार्थआइ टावर के पास ले गए। विजित के मोबाइल से ही टावर के होटल में दो कमरे बुक कराए। वहां पर दोनों भाइयों को बंद कर जबरन 4.62 करोड़ के तीन चेक भरवाकर ले लिए। ये चेक पीड़ित की कंपनी के नाम थे। इस कारण इस चेक पर उनकी पत्नी की बिजनेस पार्टनर का भी हस्ताक्षर होना जरूरी था। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उनकी पत्नी को फोन कर धमकाया और उनकी पत्नी अपनी बिजनेस पार्टनर को लेकर आई। इस दौरान धमकी दी गई कि अगर पुलिस को इस बारे में जानकारी दी तो जान से मार देंगे। कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक ध्रुव भूषण दुबे का कहना है कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 10 अक्टूबर 2025 का प्रमुख समाचार “गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस जनशिकायतों के निस्तारण में अव्वल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नगर कमिश्नरेट पुलिस ने आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त लक्ष्मी सिंह जनशिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में एक बार फिर पहला स्थान पाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की जागरण आर्काइव और से बृहस्पतिवार को जारी सितंबर की रिपोर्ट में कमिश्नरेट पुलिस के सभी 27 थाने को पहली रैंक मिली है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने आईजीआरएस टीम प्रभारी, सभी थाना प्रभारी और स्टाफ को सम्मानित करने की घोषणा की है। आमजन पुलिस अधिकारियों के अलावा आनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत करते हैं। इस पर होने वाली शिकायतों की शासन स्तर से भी निगरानी होती है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को भी प्रमुखता से जांचा जाता है। सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के लिए माह के प्रत्येक शुक्रवार को समीक्षा भी की जाती है। शिकायतों का निस्तारण कराने में आ रही परेशानी को दूर किया जाता है। स्टाफ को समयसीमा में निस्तारण कराने के निर्देश भी दिए जाते हैं।
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस का सितंबर की रिपोर्ट में प्रथम रैंक प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है। यह आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान का प्रमाण है। इससे नागरिकों का पुलिस प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है। जिले की प्रथम रैंक आना नागरिक संतुष्टि का मापदंड भी है। कमिश्नरेट पुलिस का आमजन को त्वरित सहायता प्रदान करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। सभी थाना प्रभारी को स्पष्ट आदेश हैं कि पुलिसकर्मी शिकायतों के निस्तारण के लिए तैनात किए जाएं। शिकायत प्राप्त होने पर पीड़ित पक्ष को बुलाकर शिकायत सुनी जाए और उसका समाधान कराया जाए। यह थाने रहे अव्वल सितंबर की रिपोर्ट में दादरी, दनकौर, जेवर, रबूपुरा, इकोटेक तीन, सेक्टर 63, फेज दो, सेक्टर 20, सेक्टर 113, सेक्टर 58, फेज तीन, कासना, सेक्टर 39, जारचा, एक्सप्रेसवे, सेक्टर 142, नालेज पार्क, फेज वन, सेक्टर 49, इकोटेक वन, महिला थाना, बिसरख, सूरजपुर, बीटा दो, बादलपुर, सेक्टर 24 व सेक्टर 126 थानों ने पूर्णांक 100 में से 100 और इनका प्रतिशत भी शत प्रतिशत रहा।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “एनसीआर में तेजी से बढ़ रही लग्जरी घरों की मांग ने मुंबई-बेंगलुरु को पीछे छोड़ा” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि मुंबई-बेंगलुरु को पीछे छोड़ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पूरे देश में लग्जरी व हाई-एंड परियोजनाओं में निवेश में आगे बढ़ गया है। यहां लोग सिर्फ घर नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में निवेश कर रहे हैं। एनाराक की ताजा रिपोर्ट बताती है कि जुलाई से सितंबर 2025 के बीच दिल्ली-एनसीआर में घरों के दामों में 24 प्रतिशत तक का उछाल आया है, जो देश के बाकी शहरों से कहीं अधिक है। है
नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में लग्जरी और हाई-एंड प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। खरीदार अब खुली जगहों, बेहतर सुविधाओं और भरोसेमंद परियोजना में पैसा लगाने से हिचक नहीं रहे। दिल्ली-एनसीआर में जहां 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है तो वहीं मुंबई में दामों में सिर्फ छह प्रतिशत बेंगलुरु में नौ और हैदराबाद में करीब आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली एनसीआर में तेजी की सबसे बड़ी वजह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नए एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी और लग्जरी सेगमेंट में ब्रांडेड डेवलपर्स की एंट्री है। गौर ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ का कहना है दिल्ली है एनसीआर में 24 प्रतिशत की बढ़त बताती कि खरीदार अब ऐसे घरों की तलाश में जो सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि जीवन स्तर और स्थिरता का प्रतीक बनें। काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा कि एडा और ग्रेटर नोएडा में लग्जरी परियोजना की मांग लगातार बढ़ रही है। और बेहतर लाइफस्टाइल में निवेश करना खरीदार जानता है कि अच्छी लोकेशन भविष्य के लिए फायदेमंद है। एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रापर्टी अब सिर्फ घर नहीं, बल्कि रिटर्न और प्रतिष्ठा दोनों का मिश्रण बन गई है। मिग्सन ग्रुपं के एमडी यश मिगलानी ने बताया कि नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे इलाकों में तेजी से डिमांड बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर का बाजार इसलिए मजबूत है क्योंकि यहां रोजगार, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लाइफस्टाइल तीनों एक साथ बढ़ रहे हैं।
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