पुलिस की बीट व्यवस्था का नया कमाल, छुट्टियों में भी महफूज रहेगा आपका घर
Ghaziabad News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:53 AM
Ghaziabad News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद क्षेत्र के निवासी अब गर्मी की छुट्टियों में निश्चिंत होकर देश-विदेश घूमने जा सकते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में उनके घरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब पुलिस ने उठाई है। लिंक रोड थाना क्षेत्र की पुलिस ने रामप्रस्थ और सूर्यनगर कॉलोनियों में स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर यह भरोसा दिलाया कि उनकी गैरमौजूदगी में पुलिस उनके घरों की निगरानी करेगी।
यह पहल गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड द्वारा शुरू की गई बीट पुलिसिंग व्यवस्था के तहत शुरू की गई है। इस योजना का मकसद है नागरिकों की सुरक्षा को व्यक्तिगत स्तर तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करना।
पार्क में हुई सुरक्षा बैठक
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बीट पुलिस ऑफिसर (BPO) सब-इंस्पेक्टर अपराजिता, ललिता और कांस्टेबल दयानंद ने रामप्रस्थ और सूर्यनगर के सी व डी ब्लॉक में मॉर्निंग वॉक के दौरान पार्क में स्थानीय निवासियों से संवाद किया। इस बैठक में लोगों ने बताया कि उनके बच्चे विदेशों में रहते हैं और गर्मी की छुट्टियों में वे अक्सर हिमाचल, उत्तराखंड, गोवा जैसे पर्यटन स्थलों पर घूमने जाते हैं। ऐसे में उनके बंद घरों में चोरी की आशंका बनी रहती है। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि छुट्टी के दौरान वे जहां भी जाएं घरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाएगी।
निगरानी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप
बीपीओ ने बताया कि इसके लिए एक विशेष Whatsapp Group बनाया गया है, जिसमें बाहर जाने वाले लोग अपनी यात्रा की जानकारी साझा कर सकते हैं। इससे पुलिस उनके घर की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखेगी और चीता मोबाइल यूनिट क्षेत्र में गश्त करती रहेगी। रामप्रस्थ विकास समिति के अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की। बैठक में सुभाष शर्मा, मोहन खन्ना, संजय रस्तोगी, विशाल अरोड़ा, केके अवस्थी, पवन कपूर, विजय वर्मा, एमसी गुप्ता, अनूप साहू और वरिष्ठ नागरिक अरुण भटनागर भी मौजूद रहे।
बुजुर्गों की सुरक्षा भी पुलिस की जिम्मेदारी
लिंक रोड थाना प्रभारी प्रीति सिंह ने जानकारी दी कि कॉलोनियों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग अकेले रहते हैं। बीमार पड़ने या अन्य जरूरत पड़ने पर पुलिस तत्काल उनकी मदद करेगी। बीपीओ इन वरिष्ठ नागरिकों के लगातार संपर्क में रहेंगे और उनके पास बीट अफसरों के नंबर मौजूद होंगे। किसी भी इमरजेंसी में एक कॉल पर दवा, एंबुलेंस या अन्य जरूरी सहायता पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा पुलिस नागरिकों से अपील भी कर रही है कि वे अपने किरायेदारों, घरेलू सहायकों और चालकों का सत्यापन अवश्य कराएं।