गाजियाबाद में आवारा कुत्तों पर नई गाइडलाइन लागू, लोगों को भी...
भारत
चेतना मंच
08 Sep 2025 01:10 PM
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने नई गाइडलाइन जारी की है। अब आवारा कुत्तों को किसी भी जगह खाना नहीं खिलाया जा सकेगा बल्कि इसके लिए निगम 'फीडिंग जोन' चिह्नित करेगा। यह जोन स्कूल, पार्क, अस्पताल, कॉलोनी के प्रवेश द्वार और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर बनाए जाएंगे। Ghaziabad News
साफ-सफाई का रखना होगा विशेष ध्यान
नगर विकास विभाग द्वारा जारी इस गाइडलाइन के अनुसार, जो भी लोग इन कुत्तों को खाना खिलाते हैं उन्हें सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण और बंध्याकरण कराया जाए। नगर निगम इन कार्यों के लिए पंजीकृत पशु कल्याण संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान चलाएगा। इस दौरान जो संगठन या व्यक्ति बेहतर योगदान देंगे उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
आक्रामक कुत्तों के लिए विशेष इंतजाम
गाइडलाइन में यह भी साफ किया गया है कि आक्रामक स्वभाव वाले कुत्तों को चिह्नित कर उन्हें अलग और सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। साथ ही जो लोग कुत्तों को गोद लेते हैं, वे उन्हें बाद में सड़क पर नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष रश्मि चौधरी ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से कुत्तों की देखभाल व्यवस्थित होगी और झुंड में घूमते कुत्तों व उनके हमलों की घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही यह कदम पशु संरक्षण की दिशा में भी अहम साबित होगा।
90 हजार से ज्यादा कुत्ते अब भी बंध्याकरण से वंचित
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में करीब 1.25 लाख से अधिक आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से अब तक केवल 34 हजार का ही बंध्याकरण और टीकाकरण किया गया है। एक कुत्ते की नसबंदी और टीकाकरण पर औसतन 1,130 रुपये खर्च आता है। फिलहाल नगर निगम के पास केवल दो एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर हैं, जिनकी क्षमता प्रतिदिन सिर्फ 50 कुत्तों के इलाज की है। यानी अब भी 90 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाना बाकी है, जिस पर करीब 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फीडिंग जोन के लिए सोसायटी के लोग आपसी सहमति से स्थान तय करेंगे। यदि किसी स्थान को लेकर विवाद की स्थिति बनती है तो निगम उसमें हस्तक्षेप करेगा। हर सोसायटी में एक फीडिंग प्वाइंट बनाए जाने की योजना है। डॉ. अनुज कुमार सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी ने कहा, "शासन से स्पष्ट निर्देश मिले हैं। अब सभी सोसायटियों में फीडिंग प्वाइंट बनेंगे और नसबंदी अभियान में तेजी लाई जाएगी।" Ghaziabad News