12 साल के छात्र अहमद अब्देलसलाम ने VERDA तकनीक विकसित की है, जो चलने-फिरने से पैदा होने वाली ऊर्जा को बिजली में बदलने का प्रयास करती है। जानिए 3M Young Scientist Challenge 2026 के फाइनलिस्ट की पूरी कहानी।

आज पूरी दुनिया स्वच्छ ऊर्जा और बढ़ती बिजली की मांग का समाधान खोजने में जुटी है। ऐसे समय में अमेरिका के मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज शहर में रहने वाले 12 साल के छात्र अहमद अब्देलसलाम ने एक ऐसा आविष्कार किया है, जिसने विज्ञान की दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। छठी कक्षा में पढ़ने वाले अहमद ने VERDA नाम की एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो इंसानों के चलने-फिरने और अन्य गतिविधियों से पैदा होने वाली ऊर्जा को उपयोगी बिजली में बदलने का प्रयास करती है। उनके इस अनोखे प्रोजेक्ट ने उन्हें 3M Young Scientist Challenge 2026 के टॉप 10 फाइनलिस्ट में जगह दिलाई है।
अहमद अब्देलसलाम का प्रोजेक्ट VERDA ऊर्जा हार्वेस्टिंग यानी व्यर्थ जाने वाली ऊर्जा को उपयोग में लाने की अवधारणा पर आधारित है। जब कोई व्यक्ति चलता है, हवा बहती है या समुद्र में लहरें उठती हैं, तब गतिज ऊर्जा पैदा होती है। आमतौर पर यह ऊर्जा बिना इस्तेमाल हुए नष्ट हो जाती है। अहमद की तकनीक इसी ऊर्जा को कैप्चर करके उसे बिजली में बदलने की दिशा में काम करती है। उनका मानना है कि अगर रोजमर्रा की गतिविधियों से पैदा होने वाली ऊर्जा का सही उपयोग किया जाए तो भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव हो सकता है।
अहमद के इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट को अमेरिका की प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिता 3M Young Scientist Challenge 2026 में टॉप 10 फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। यह प्रतियोगिता 11 से 14 वर्ष की आयु के अमेरिकी छात्रों के लिए आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य ऐसे युवा वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करना है, जो विज्ञान और तकनीक के जरिए वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। फाइनलिस्ट बनने के बाद अहमद को 3M के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक श्रीवास्तव का मार्गदर्शन भी मिल रहा है, जिससे वह अपने प्रोजेक्ट को और बेहतर बना सकें।
अहमद बताते हैं कि उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नया करने की प्रेरणा नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक अहमद ज़ेवैल से मिली। फेम्टोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में अहमद ज़ेवैल के योगदान ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। इसी प्रेरणा के चलते उन्होंने ऐसा आविष्कार करने का लक्ष्य बनाया, जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सके।
3M Young Scientist Challenge 2026 का फाइनल मुकाबला 12 और 13 अक्टूबर को अमेरिका के सेंट पॉल, मिनेसोटा में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सभी 10 फाइनलिस्ट अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे और कई लाइव वैज्ञानिक चुनौतियों का सामना करेंगे। प्रतियोगिता के विजेता को अमेरिका का टॉप यंग साइंटिस्ट का खिताब और 25,000 डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाएगी। अहमद का कहना है कि उनके लिए यह प्रतियोगिता केवल जीतने का मंच नहीं है, बल्कि यह दिखाने का अवसर भी है कि एक बच्चा भी अपने विचारों से दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
अहमद अब्देलसलाम का प्रोजेक्ट इस बात का उदाहरण है कि नई पीढ़ी विज्ञान और तकनीक के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने की क्षमता रखती है। यदि ऐसी तकनीकों पर आगे और शोध तथा विकास होता है, तो आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि अहमद की VERDA तकनीक को विज्ञान जगत में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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