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AIIMS Delhi MBBS परीक्षा में AI से चीटिंग का मामला सामने आया है। छात्रों ने टॉयलेट में मोबाइल छिपाकर ChatGPT से सवालों के जवाब देखे। संस्थान ने पेपर रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई।

देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में शामिल एम्स दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एमबीबीएस की परीक्षा के दौरान कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल कर नकल की गई। मामला सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पेपर रद्द कर दिया और छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। इस घटना ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, एम्स दिल्ली में इन दिनों एकेडमिक परीक्षाएं चल रही हैं। इसी दौरान एमबीबीएस मध्यावधि सेमेस्टर परीक्षा के तहत बायोकेमिस्ट्री का पेपर आयोजित किया गया था। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी नियंत्रण रहता है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
इसके बावजूद परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर नकल करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद कई छात्र एक के बाद एक शौचालय जाने लगे। जब छात्रों की संख्या बढ़ी और बार बार टॉयलेट जाने की अनुमति मांगी जाने लगी, तब निगरानी कर रहे अधिकारियों को शक हुआ। इसके बाद मामले की जांच की गई।
जांच में पता चला कि शौचालय में एक मोबाइल फोन छिपाकर रखा गया था। आरोप है कि कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र के सवाल ChatGPT पर अपलोड कर जवाब देखने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने AI टूल ChatGPT की मदद से प्रश्नों के उत्तर जानने का प्रयास किया। इस घटना ने परीक्षा प्रणाली में नई तरह की चुनौती को सामने ला दिया है। अब नकल के पारंपरिक तरीकों के साथ डिजिटल और AI आधारित तरीकों का खतरा भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मामला सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद संबंधित बायोकेमिस्ट्री पेपर को रद्द कर दिया गया और छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। हालांकि, इस मामले में किसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एम्स के मीडिया डिविजन की प्रभारी डॉ. रीमा दादा ने कहा कि एक छात्र का मोबाइल फोन शौचालय में रह गया था, लेकिन वह छात्र परीक्षा कक्ष से बाहर नहीं गया था। बाद में दूसरे छात्रों ने शौचालय में मोबाइल देखा और संभव है कि उन्होंने प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर सवालों के जवाब देखे हों।
उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
एम्स दिल्ली देश का शीर्ष मेडिकल संस्थान माना जाता है। यहां एमबीबीएस की सीमित सीटों पर प्रवेश पाने के लिए देशभर के प्रतिभाशाली छात्र कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास करते हैं। ऐसे संस्थान में परीक्षा के दौरान AI से चीटिंग का मामला सामने आना शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक जहां शिक्षा के लिए उपयोगी है, वहीं गलत इस्तेमाल होने पर यह परीक्षा प्रणाली के लिए खतरा भी बन सकती है। आने वाले समय में संस्थानों को AI आधारित नकल रोकने के लिए और सख्त तथा आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत पड़ सकती है।
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