रेलवे में कोच अटेंडेंट भर्ती के नियम बदले, अब 12वीं और ITI जरूरी, जानें नए नियम
रेलवे ने कोच अटेंडेंट भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं पास के साथ आईटीआई और हाउसकीपिंग प्रशिक्षण जरूरी होगा। जानें क्या हैं नए नियम।

भारतीय रेलवे में कोच अटेंडेंट की भर्ती को लेकर रेलवे बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है। अब इस पद पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार अब केवल 12वीं पास उम्मीदवार ही कोच अटेंडेंट बन सकेंगे। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास आईटीआई की डिग्री और हाउसकीपिंग का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी होना जरूरी कर दिया गया है।
पहले इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई थी, लेकिन यात्रियों की शिकायतों और प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक की ओर से सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर नई योग्यता लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोच अटेंडेंट की योग्यता क्यों बढ़ाई गई
रेलवे द्वारा वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इन ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशिक्षित और शिक्षित स्टाफ की जरूरत महसूस की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि कम शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण कुछ कोच अटेंडेंट यात्रियों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे थे। कई बार भाषा की समस्या के कारण भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे को इस तरह की कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद योग्यता में बदलाव का निर्णय लिया गया।
निजी एजेंसियों के माध्यम से होती है भर्ती
कोच अटेंडेंट की भर्ती सीधे रेलवे द्वारा नहीं की जाती है। इसके लिए निजी एजेंसियों और आउटसोर्सिंग कंपनियों की सेवाएं ली जाती हैं। ये एजेंसियां रेलवे के साथ अनुबंध के तहत काम करती हैं और ट्रेनों में कोच अटेंडेंट उपलब्ध कराती हैं।
इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी एसी कोच में यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना, सफाई व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों को चादर तथा कंबल उपलब्ध कराना होता है। इसलिए रेलवे चाहता है कि इस पद पर ऐसे उम्मीदवार नियुक्त किए जाएं जो व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षित और यात्रियों से बेहतर संवाद करने में सक्षम हों।
प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर सेवा पर रेलवे का फोकस
रेलवे का मानना है कि बेहतर सेवा से ही यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और रेलवे की छवि मजबूत होगी। खासकर प्रीमियम ट्रेनों में सेवा की गुणवत्ता को लेकर रेलवे अब कोई समझौता नहीं करना चाहता है।
इसी वजह से कोच अटेंडेंट की योग्यता में यह बदलाव किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके और शिकायतों में कमी आए।
नई योग्यता से सेवा गुणवत्ता में होगा सुधार
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि 12वीं पास और आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों की नियुक्ति से ट्रेनों में सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ रेलवे की सेवा प्रणाली भी मजबूत होगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि ट्रेनों में यात्रियों को पहले से बेहतर सहयोग और सुविधाएं मिल सकेंगी।
भारतीय रेलवे में कोच अटेंडेंट की भर्ती को लेकर रेलवे बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है। अब इस पद पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार अब केवल 12वीं पास उम्मीदवार ही कोच अटेंडेंट बन सकेंगे। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास आईटीआई की डिग्री और हाउसकीपिंग का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी होना जरूरी कर दिया गया है।
पहले इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई थी, लेकिन यात्रियों की शिकायतों और प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक की ओर से सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर नई योग्यता लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोच अटेंडेंट की योग्यता क्यों बढ़ाई गई
रेलवे द्वारा वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इन ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशिक्षित और शिक्षित स्टाफ की जरूरत महसूस की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि कम शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण कुछ कोच अटेंडेंट यात्रियों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे थे। कई बार भाषा की समस्या के कारण भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे को इस तरह की कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद योग्यता में बदलाव का निर्णय लिया गया।
निजी एजेंसियों के माध्यम से होती है भर्ती
कोच अटेंडेंट की भर्ती सीधे रेलवे द्वारा नहीं की जाती है। इसके लिए निजी एजेंसियों और आउटसोर्सिंग कंपनियों की सेवाएं ली जाती हैं। ये एजेंसियां रेलवे के साथ अनुबंध के तहत काम करती हैं और ट्रेनों में कोच अटेंडेंट उपलब्ध कराती हैं।
इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी एसी कोच में यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना, सफाई व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों को चादर तथा कंबल उपलब्ध कराना होता है। इसलिए रेलवे चाहता है कि इस पद पर ऐसे उम्मीदवार नियुक्त किए जाएं जो व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षित और यात्रियों से बेहतर संवाद करने में सक्षम हों।
प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर सेवा पर रेलवे का फोकस
रेलवे का मानना है कि बेहतर सेवा से ही यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और रेलवे की छवि मजबूत होगी। खासकर प्रीमियम ट्रेनों में सेवा की गुणवत्ता को लेकर रेलवे अब कोई समझौता नहीं करना चाहता है।
इसी वजह से कोच अटेंडेंट की योग्यता में यह बदलाव किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके और शिकायतों में कमी आए।
नई योग्यता से सेवा गुणवत्ता में होगा सुधार
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि 12वीं पास और आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों की नियुक्ति से ट्रेनों में सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ रेलवे की सेवा प्रणाली भी मजबूत होगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि ट्रेनों में यात्रियों को पहले से बेहतर सहयोग और सुविधाएं मिल सकेंगी।












