12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका! हरियाणा पुलिस में 5500 कांस्टेबल भर्ती, आवेदन शुरू

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 में 12वीं पास युवाओं के लिए 5500 पदों पर आवेदन शुरू। योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी पढ़ें।

हरियाणा पुलिस भर्ती 2026
हरियाणा पुलिस भर्ती 2026
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar22 Jan 2026 01:27 PM
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हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) के 5500 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती में पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि आवेदन शुल्क पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।

आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, योग्य उम्मीदवार 25 जनवरी 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती 12वीं पास युवाओं के लिए पुलिस विभाग में नौकरी पाने का बेहतरीन अवसर मानी जा रही है।

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 का पूरा विवरण

हरियाणा पुलिस में यह भर्ती कुल 5500 पदों के लिए निकाली गई है। इनमें पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं। आरक्षण का लाभ केवल हरियाणा के मूल निवासियों को मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों के उम्मीदवार अनारक्षित श्रेणी में आवेदन कर सकेंगे।

पदों का विवरण

  • पुरुष कांस्टेबल सामान्य ड्यूटी : 4500 पद
  • महिला कांस्टेबल सामान्य ड्यूटी : 600 पद
  • पुरुष कांस्टेबल जीआरपी : 400 पद

शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही 10वीं कक्षा में हिंदी या संस्कृत विषय में से कोई एक विषय पढ़ा होना चाहिए। आयोग ने साफ किया है कि उच्च शिक्षा को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाएगा।

आयु सीमा और छूट की जानकारी

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयु की गणना 01 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। हरियाणा के आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती की चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। सबसे पहले उम्मीदवारों को कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के स्कोर के आधार पर फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।

फिजिकल टेस्ट की जानकारी

फिजिकल टेस्ट में दो चरण होंगे:

  • शारीरिक मापदंड परीक्षा पीएमटी
  • शारीरिक दक्षता परीक्षा

दोनों ही परीक्षाएं केवल क्वालिफाइंग होंगी। इन्हें पास करने वाले उम्मीदवारों को आगे नॉलेज टेस्ट देना होगा, जिसका वेटेज 97 प्रतिशत होगा। चयन के लिए नॉलेज टेस्ट में कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है।

शारीरिक मापदंड क्या हैं

  • पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 170 सेंटीमीटर रखी गई है, जबकि आरक्षित वर्गों के लिए यह 168 सेंटीमीटर है। सीने की माप 83 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्गों के लिए 81 सेंटीमीटर होनी चाहिए, जिसमें चार सेंटीमीटर का फुलाव जरूरी है।
  • महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 158 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है, जबकि आरक्षित वर्गों के लिए यह 156 सेंटीमीटर है।

शारीरिक दक्षता परीक्षा का पैटर्न

शारीरिक दक्षता परीक्षा में उम्मीदवारों को दौड़ पूरी करनी होगी।

पुरुष उम्मीदवारों को 12 मिनट में 2.5 किलोमीटर, महिला उम्मीदवारों को 6 मिनट में 1 किलोमीटर और भूतपूर्व सैनिकों को 5 मिनट में 1 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।

वेतन और अन्य सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

आवेदन कैसे करें

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार hssc.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 25 जनवरी 2026 है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें।


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UPPSC Medical Officer Recruitment 2026: 2158 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका, जल्द करें आवेदन!

UPPSC Medical Officer Recruitment 2026 के तहत 2158 पदों पर भर्ती के लिए आज अंतिम मौका। योग्यता, आयु सीमा, फीस और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी पढ़ें।

UPPSC मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2026
UPPSC मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2026
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar22 Jan 2026 10:58 AM
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उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए आज का दिन बेहद अहम है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा जारी Medical Officer और अन्य Group A व Group B पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख आज 22 जनवरी 2026 है। जिन उम्मीदवारों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें बिना देर किए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

यह भर्ती अभियान प्रदेश के स्वास्थ्य, आयुष, पशुपालन, होम्योपैथी और परिवार कल्याण विभागों में कुल 2158 पदों को भरने के लिए निकाला गया है। इसमें सबसे अधिक पद मेडिकल ऑफिसर के हैं, जिससे डॉक्टरों के लिए यह एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

UPPSC Medical Officer Recruitment 2026 का पूरा विवरण

UPPSC की इस बंपर भर्ती के तहत अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी। कुल 2158 पदों में से 1910 पद चिकित्साधिकारियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह भर्ती राज्य स्तर पर की जा रही है, इसलिए चयनित उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नियुक्ति दी जाएगी।

विभागवार रिक्त पदों की जानकारी

इस भर्ती के अंतर्गत पदों का वितरण इस प्रकार है:

आयुष विभाग के अंतर्गत

  • आयुर्वेद निदेशालय में सामुदायिक स्वास्थ्य के 884 पद
  • चिकित्साधिकारी आयुर्वेद के 168 पद
  • चिकित्साधिकारी यूनानी के 25 पद

पशुधन विभाग में

  • कुल 404 पशुचिकित्सा अधिकारी पद

होम्योपैथी विभाग में

  • होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 265 पद
  • श्रम विभाग में 7 पद

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में

  • दन्त सर्जन के 157 पद

अन्य महत्वपूर्ण पद

  • परिवार कल्याण महानिदेशालय में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के 221 पद
  • खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक के 26 पद

UPPSC भर्ती 2026 के लिए पात्रता मानदंड

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा से जुड़ी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

शैक्षणिक योग्यता

अलग-अलग पदों के अनुसार योग्यता निर्धारित की गई है। सामान्य रूप से निम्न डिग्रियों की आवश्यकता है:

  • MBBS, BDS, BVSc
  • आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी में मान्यता प्राप्त डिग्री
  • स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी पद के लिए समाजशास्त्र या संबंधित विषय में मास्टर डिग्री

इसके अलावा, संबंधित पद के अनुसार राज्य या केंद्रीय काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।

आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 40 वर्ष

आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया और आवेदन शुल्क

UPPSC Medical Officer Recruitment 2026 के लिए आवेदन केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकता है। आवेदन से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना अनिवार्य है। बिना OTR नंबर के आवेदन पूरा नहीं होगा।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: 105 रुपये
  • एससी, एसटी और भूतपूर्व सैनिक: 65 रुपये
  • दिव्यांग उम्मीदवार: 25 रुपये
  • शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

आवेदन में गलती सुधारने का मौका

यदि आवेदन करते समय कोई गलती हो जाती है, तो उम्मीदवारों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। आयोग ने 29 जनवरी 2026 तक करेक्शन विंडो खोलने का निर्णय लिया है। इस अवधि में उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में आवश्यक सुधार कर सकते हैं।

आज क्यों जरूरी है आवेदन करना

आज आवेदन की अंतिम तारीख होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।


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PhD में एडमिशन के लिए मान्य डिग्री नौकरी में भी मान्य, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जिस डिग्री से PhD में एडमिशन मिला वही डिग्री असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भी मान्य होगी, उम्मीदवारों को राहत।

PhD में मान्य डिग्री
PhD में मान्य डिग्री
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar21 Jan 2026 05:06 PM
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला सुनाया है, जिससे विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा से जुड़े उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिस डिग्री को किसी विश्वविद्यालय ने पीएचडी में दाखिले के लिए मान्य माना है, वही डिग्री उसी विश्वविद्यालय में नौकरी के लिए भी अमान्य नहीं ठहराई जा सकती। यह फैसला सोलन स्थित डॉ वाईएस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री से जुड़े एक मामले में आया है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत सीमा शर्मा द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। सीमा शर्मा ने वनस्पति विज्ञान यानी बॉटनी में एमएससी की डिग्री हासिल की थी। इसी डिग्री के आधार पर विश्वविद्यालय ने उन्हें फॉरेस्ट्री, मेडिसिनल एवं एरोमेटिक प्लांट विषय में पीएचडी कोर्स में दाखिला दिया था। इसके बाद वह विश्वविद्यालय के फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स विभाग में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भी कार्यरत रहीं।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में क्यों हुआ विवाद

9 जून 2022 को विश्वविद्यालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स पद के लिए भर्ती निकाली। जब चयन प्रक्रिया के दौरान सीमा शर्मा की उम्मीदवारी पर विचार किया गया, तो उन्हें एमएससी बॉटनी की डिग्री के लिए कोई अंक नहीं दिए गए। विश्वविद्यालय का तर्क था कि उन्होंने फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स में मास्टर डिग्री नहीं की है, इसलिए उनकी एमएससी बॉटनी डिग्री को मान्य नहीं माना जा सकता। इसी कारण उनका नाम मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता की दलील

सीमा शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण ने हाईकोर्ट में दलील दी कि जिस एमएससी बॉटनी डिग्री के आधार पर विश्वविद्यालय ने उन्हें पीएचडी में प्रवेश दिया, उसी डिग्री को अब नौकरी के लिए नकारना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि बॉटनी को पीएचडी के लिए एलाइड विषय माना गया था और इसी वजह से याचिकाकर्ता को प्रवेश मिला था। ऐसे में साक्षात्कार समिति के पास उसी डिग्री के लिए अंक न देने का कोई वैध कारण नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट ने क्या कहा

न्यायमूर्ति संदीप शर्मा ने अपने आदेश में साफ शब्दों में कहा कि जब विश्वविद्यालय ने स्वयं एमएससी बॉटनी डिग्री को पीएचडी में दाखिले के लिए मान्य माना था, तो असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के दौरान उसी डिग्री को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि गेस्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्ति के समय भी विश्वविद्यालय ने याचिकाकर्ता की एमएससी बॉटनी डिग्री को स्वीकार किया था।

दोहरा मापदंड नहीं अपना सकता विश्वविद्यालय

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी टिप्पणी की कि विश्वविद्यालय एक ही डिग्री के मामले में अलग अलग नजरिया नहीं अपना सकता। यदि किसी डिग्री को पीएचडी के लिए एलाइड विषय मानकर स्वीकार किया गया है, तो असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पद के चयन में उसी योग्यता को नकारा नहीं जा सकता। अदालत ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि वह रिक्त असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करे और एमएससी डिग्री के लिए उन्हें उचित अंक दे।

फैसले का असर

इस फैसले को उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय भर्तियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जिनकी डिग्रियों को कभी दाखिले के लिए तो कभी नौकरी के लिए अलग अलग तरीके से आंका जाता रहा है। हाईकोर्ट के इस आदेश से अब विश्वविद्यालयों को डिग्री की मान्यता को लेकर स्पष्ट और एक समान रवैया अपनाना होगा।