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BHU Admission 2026 में बड़े बदलाव, BA-BEd कोर्स शुरू, अंतरराष्ट्रीय सीटें 25% और 4 साल ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD का मौका।

Banaras Hindu University में सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी और विद्वत परिषद की बैठकों में लिए गए फैसलों के बाद अब स्नातक स्तर पर कई नए नियम लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बनाना और छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना है।
इस बार सबसे अहम बदलावों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाना शामिल है। पहले जहां 15 प्रतिशत सीटें अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए निर्धारित थीं, अब इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले की तरह ही इनमें 5 प्रतिशत सीटें एनआरआई और 5 प्रतिशत खाड़ी तथा दक्षिण एशियाई देशों में कार्यरत भारतीयों के लिए आरक्षित रहेंगी। यदि इन श्रेणियों की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें उसी श्रेणी के अन्य पात्र अभ्यर्थियों से भरा जाएगा।
इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय के 100 से अधिक स्नातक पाठ्यक्रमों और विषय संयोजनों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए लगभग एक हजार अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। इससे वैश्विक स्तर पर छात्रों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
इस सत्र से शिक्षा संकाय के अंतर्गत बीए बीएड डुएल डिग्री कोर्स शुरू किया जा रहा है। यह कोर्स आर्यमहिला पीजी कॉलेज और वसंत महिला महाविद्यालय में संचालित होगा। पहले वर्ष में दोनों कॉलेजों में 50-50 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम की फीस 25 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर तय की गई है, यानी एक साल की फीस 50 हजार रुपये होगी। यह कोर्स उन छात्रों के लिए खास अवसर लेकर आया है जो ग्रेजुएशन के साथ ही शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब स्नातक पाठ्यक्रम में ही रिसर्च का विकल्प दिया जाएगा। एडमिशन लेने वाले लगभग 10 प्रतिशत छात्रों को मेरिट के आधार पर स्नातक रिसर्च प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत छात्रों को अंतिम सेमेस्टर में 12 क्रेडिट का लघु शोध प्रबंध तैयार करना होगा।
इस रिसर्च आधारित स्नातक डिग्री पूरी करने के बाद छात्र सीधे पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। इससे छात्रों को मास्टर्स की पढ़ाई किए बिना ही शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, सभी कोर्स अभी नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नहीं आए हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार सात पाठ्यक्रम ऐसे हैं जिनमें इस वर्ष भी पुराना पाठ्यक्रम लागू रहेगा। इनमें बीएससी कृषि, बीएएलएलबी, बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी, बीएससी मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग, बीटेक फूड टेक्नोलॉजी, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी और बीवोक शामिल हैं।
इन कोर्सों का संचालन प्रत्यायन परिषद द्वारा किया जा रहा है, इसलिए इनमें फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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