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बिहार में 8054 राजस्व कर्मियों और 765 अमीनों की भर्ती की तैयारी शुरू। राज्य कर्मचारी चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया। जानें भर्ती, भूमि सर्वेक्षण और विभाग की नई योजनाओं की पूरी जानकारी।

बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी पटना के सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि राज्य में जल्द ही 8,054 राजस्व कर्मियों की बहाली की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से राज्य कर्मचारी चयन आयोग को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की जाने वाली यह बहाली राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर साबित हो सकती है। मंत्री ने बताया कि विभाग में राजस्व कर्मियों की आवश्यकता को देखते हुए 8,054 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग ने इस संबंध में राज्य कर्मचारी चयन आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। अब युवाओं को भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
राज्य में जमीन की नापी और सर्वेक्षण कार्य को गति देने के लिए सरकार ने 765 अमीनों की सीधी भर्ती करने का फैसला लिया है। मंत्री के अनुसार बिहार में अमीनों के कुल 2,502 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 1,197 अमीन ही कार्यरत हैं। बड़ी संख्या में पद खाली होने के कारण जमीन से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में विभाग खाली पदों को भरकर फील्ड स्तर पर कामकाज को तेज करना चाहता है।
राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में हर ग्राम कचहरी में डेटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति करने की योजना बनाई गई है। इससे राजस्व और भूमि संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और आम लोगों को सेवाएं देने में आसानी होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अब तक 1,380 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसके अलावा राज्य में लगभग 45 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए सहयोग शिविरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग को कुल 81 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 68 हजार आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है, जो विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।
बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान को लेकर भी सरकार ने महत्वपूर्ण लक्ष्य तय किया है। मंत्री ने बताया कि 15 अगस्त 2026 तक राज्य के पांच चयनित जिलों में सर्वेक्षण कार्य पूरी तरह समाप्त कर लिया जाएगा। इससे भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन करने और जमीन संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने काम में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने बताया कि कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतने के आरोप में 166 राजस्व अधिकारियों पर दंड तय किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार की ओर से घोषित यह बहाली अभियान बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आने वाला है। खासकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आने वाले समय में यह भर्ती प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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