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BPSC 72वीं परीक्षा 2026 में बड़ा बदलाव, अब खाली सवाल छोड़ने पर कटेंगे नंबर और E ऑप्शन भरना अनिवार्य, जानें नया नियम और पूरी जानकारी

बिहार लोक सेवा आयोग ने 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के लिए नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसमें परीक्षा पैटर्न से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने और गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से ओएमआर शीट में ‘E’ विकल्प को अनिवार्य कर दिया है। अब अभ्यर्थियों के लिए किसी भी प्रश्न को पूरी तरह खाली छोड़ना नुकसानदायक साबित हो सकता है, क्योंकि ऐसे मामलों में सीधे अंक काटे जाएंगे।
इस नए नियम के तहत अब हर प्रश्न के लिए पांच विकल्प दिए जाएंगे जिनमें A, B, C, D और E शामिल होंगे। यदि किसी उम्मीदवार को किसी प्रश्न का उत्तर नहीं पता है या वह उसे छोड़ना चाहता है, तो उसे ‘E’ विकल्प भरना अनिवार्य होगा। यह विकल्प इस बात का संकेत होगा कि अभ्यर्थी ने जानबूझकर उस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है।
यदि कोई अभ्यर्थी न तो सही उत्तर चुनता है और न ही ‘E’ विकल्प को भरता है, यानी प्रश्न को खाली छोड़ देता है, तो इसे गलत प्रयास माना जाएगा। ऐसे में 1 3 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी और कुल स्कोर पर सीधा असर पड़ेगा।
इस बदलाव के बाद अब केवल सही उत्तर देना ही महत्वपूर्ण नहीं रहेगा, बल्कि ओएमआर शीट को सावधानीपूर्वक भरना भी उतना ही जरूरी हो गया है। एक छोटी सी गलती, जैसे किसी प्रश्न को बिना भरे छोड़ देना, उम्मीदवार के अंकों को कम कर सकती है। इसलिए परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन और ध्यान बेहद जरूरी होगा।
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 1230 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें बिहार प्रशासनिक सेवा के 100 पद, पुलिस उपाधीक्षक के 22 पद, राजस्व अधिकारी के 365 पद, ग्रामीण विकास पदाधिकारी के 65 पद, राज्य कर सहायक आयुक्त के 76 पद, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के 130 पद और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के 70 पद शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पद भी इस भर्ती में शामिल किए गए हैं। कुल पदों में से 359 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
इस परीक्षा में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का स्नातक पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि महिलाओं और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।
आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए आधार नंबर देने की सलाह दी है। यदि कोई उम्मीदवार आवेदन के समय आधार संख्या नहीं देता है, तो उसे पहचान सत्यापन के लिए 200 रुपये अतिरिक्त बायोमेट्रिक शुल्क देना होगा।
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस नए नियम के बाद अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी और परीक्षा रणनीति दोनों में बदलाव करना होगा। अब केवल सवाल हल करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई प्रश्न खाली न रह जाए। ‘E’ विकल्प का सही उपयोग करना और ओएमआर शीट को ध्यान से भरना सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
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