दिल्ली के अतिथि शिक्षकों को प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य भर्ती में कैट से अंतरिम राहत मिली है। यूपीएससी 828 पदों पर भर्ती कर रहा है।

दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण यानी कैट ने अतिथि शिक्षकों को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के पदों पर होने वाली भर्ती में शामिल होने की अंतरिम राहत दी है। यह भर्ती संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की ओर से की जा रही है। यूपीएससी ने दिल्ली सरकार के स्कूलों में प्रधानाचार्य के 124 और उप प्रधानाचार्य के 704 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है।
दरअसल, यूपीएससी ने दिल्ली में प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। कुछ शर्तों के कारण दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल रही थी। इसके बाद अतिथि शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण का रुख किया।
कैट के न्यायिक सदस्य मनीष गर्ग और प्रशासनिक सदस्य डॉ. आनंद एस. खाटी ने मामले में आदेश जारी करते हुए अतिथि शिक्षकों को भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अंतरिम राहत दी है। इससे उन अतिथि शिक्षकों के लिए प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य बनने का रास्ता खुल गया है, जो भर्ती की अन्य जरूरी शर्तों को पूरा करते हैं।
कैट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित उम्मीदवार को नियुक्ति का अधिकार मिल गया है। अतिथि शिक्षकों की पात्रता का अंतिम फैसला मामले में होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा।
कैट ने इन उम्मीदवारों के परिणामों को सीलबंद लिफाफे में रखने का निर्देश भी दिया है। यानी फिलहाल अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, लेकिन उनकी अंतिम पात्रता और नियुक्ति को लेकर स्थिति मामले के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस मामले में अतिथि शिक्षकों की ओर से आयु सीमा में छूट की मांग भी की गई है। कैट ने उनकी आयु में छूट की मांग पर विचार करने की बात कही है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। ऐसे में आगे की सुनवाई में अतिथि शिक्षकों की पात्रता और आयु सीमा से जुड़े मुद्दे पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
यूपीएससी की ओर से दिल्ली सरकार के स्कूलों में प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के कुल 828 पदों पर भर्ती की जा रही है। इनमें प्रधानाचार्य के 124 पद और उप प्रधानाचार्य के 704 पद शामिल हैं। इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 जुलाई से शुरू हुई थी और 14 अगस्त तक आवेदन किए जा सकते थे। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें पूरी करना जरूरी है।
प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से मास्टर डिग्री और बैचलर ऑफ एजुकेशन यानी बीएड की डिग्री होना जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल या इंटरमीडिएट कॉलेज में शिक्षक के तौर पर कम से कम 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
यह अनुभव वाइस प्रिंसिपल, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर यानी पीजीटी या ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर यानी टीजीटी के पद पर होना चाहिए। इसलिए प्रधानाचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ निर्धारित शिक्षण अनुभव भी महत्वपूर्ण है।
उप प्रधानाचार्य यानी वाइस प्रिंसिपल पद के लिए भी उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से मास्टर डिग्री और बीएड की डिग्री होना जरूरी है। अनुभव की बात करें तो उम्मीदवार के पास पीजीटी के तौर पर कम से कम दो वर्ष या टीजीटी के तौर पर कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
इस तरह उप प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ पीजीटी या टीजीटी के रूप में जरूरी अनुभव पूरा करना होगा।
प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवार की अधिकतम आयु 50 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं उप प्रधानाचार्य पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष है। उम्मीदवार की उम्र की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाएगी।
आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। हालांकि किसी भी स्थिति में उम्मीदवार की अधिकतम आयु 56 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली सरकार के स्कूलों में काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कैट के अंतरिम आदेश के बाद उन्हें यूपीएससी की इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला है। हालांकि यह राहत फिलहाल अंतरिम है और उम्मीदवारों की अंतिम पात्रता मामले के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के कुल 828 पदों पर होने वाली इस भर्ती में अतिथि शिक्षकों की भागीदारी को लेकर आगे की स्थिति कैट में होने वाली सुनवाई के बाद और स्पष्ट होगी। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होनी है।
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