दिल्ली यूनिवर्सिटी यूजी एडमिशन 2026 की पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी हो गई है। जानें 780+ स्कोर पर किन टॉप कॉलेजों में मिल रहा दाखिला, किन कोर्सेज की सबसे ज्यादा डिमांड है और आगे की एडमिशन प्रक्रिया क्या है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में स्नातक (UG) दाखिले की प्रक्रिया इस समय अपने अहम दौर में पहुंच गई है। विश्वविद्यालय ने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी कर दी है। यह आवंटन कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) के अंकों के आधार पर किया गया है। पहली सूची से साफ संकेत मिला है कि इस साल भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला पाने के लिए छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
पहली सीट अलॉटमेंट के आंकड़ों से पता चलता है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए नॉर्थ कैंपस के प्रमुख कॉलेजों में प्रवेश आसान नहीं है। श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज, लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) और मिरांडा हाउस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पसंदीदा कोर्स हासिल करने के लिए छात्रों को 800 में से 780 या उससे अधिक अंक हासिल करने पड़े हैं। यह स्कोर लगभग 98 से 99 प्रतिशत से अधिक प्रदर्शन को दर्शाता है, जिससे साफ है कि इस बार टॉप कॉलेजों की सीटों के लिए मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कठिन रहा।
जिन अभ्यर्थियों के CUET UG में 700 से 750 के बीच अंक आए हैं, उनके लिए साउथ कैंपस के अच्छे कॉलेजों में दाखिले की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा कुछ बीएससी और भाषा आधारित कोर्सों में भी ऐसे छात्रों के लिए अवसर मौजूद हैं। वहीं 600 से 680 अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को ऑफ कैंपस कॉलेजों या सामान्य प्रोग्राम कोर्सों में अगले सीट आवंटन राउंड का इंतजार करना पड़ सकता है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस साल भी कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज से जुड़े करियर केंद्रित कोर्स सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। बीकॉम ऑनर्स के लिए SRCC, हिंदू कॉलेज और हंसराज कॉलेज में सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। इसके अलावा बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स में भी टॉप स्कोर करने वाले छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला है, जबकि इस कोर्स के लिए गणित विषय अनिवार्य होने के बावजूद इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।
बीए ऑनर्स पॉलिटिकल साइंस और बीए ऑनर्स साइकोलॉजी जैसे कोर्सों में भी लेडी श्री राम कॉलेज और हिंदू कॉलेज जैसी संस्थाओं की सीटें काफी ऊंचे स्कोर पर भर गई हैं। वहीं साइंस स्ट्रीम में बीएससी ऑनर्स कंप्यूटर साइंस और बीएससी ऑनर्स मैथ्स की मांग सबसे अधिक देखने को मिल रही है।
विश्वविद्यालय ने पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट में चयनित सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने CSAS पोर्टल पर जाकर आवंटित सीट स्वीकार करें। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने पर निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करना जरूरी होगा। यदि कोई अभ्यर्थी पहली सूची में मिली सीट स्वीकार नहीं करता है तो वह आगे के अपग्रेड या अगले सीट आवंटन राउंड में शामिल नहीं हो सकेगा। पहली प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली बची सीटों के लिए विश्वविद्यालय दूसरी सीट अलॉटमेंट सूची जारी करेगा।
पहली सीट अलॉटमेंट सूची से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप कॉलेजों और लोकप्रिय कोर्सों में दाखिला पाने के लिए इस वर्ष बेहद ऊंचे CUET UG स्कोर की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में जिन छात्रों को पहली सूची में मनचाहा कॉलेज या कोर्स नहीं मिला है, उनके लिए अगले सीट आवंटन राउंड महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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