राजस्थान स्टेनोग्राफर भर्ती में बड़ा झटका: हाई कोर्ट ने मेरिट लिस्ट की रद्द, 5% छूट अवैध

राजस्थान हाई कोर्ट ने RSSB स्टेनोग्राफर और PA भर्ती की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी। कोर्ट ने 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट को अवैध बताते हुए नई मेरिट लिस्ट बनाने के निर्देश दिए।

राजस्थान स्टेनोग्राफर भर्ती
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locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar19 Mar 2026 04:45 PM
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राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ ने RSSB स्टेनोग्राफर और पर्सनल असिस्टेंट भर्ती मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान दिए गए 5 प्रतिशत अतिरिक्त अंकों को पूरी तरह अवैध और नियमों के खिलाफ बताया है।

कोर्ट के इस फैसले का असर भर्ती प्रक्रिया में शामिल बड़ी संख्या में उम्मीदवारों पर पड़ सकता है। अब चयन बोर्ड को नियमों के अनुसार नई मेरिट लिस्ट तैयार करनी होगी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित स्टेनोग्राफर और पर्सनल असिस्टेंट भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान बोर्ड ने कुछ अभ्यर्थियों को उनके प्राप्त अंकों में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी थी।

इस फैसले को कुछ अभ्यर्थियों ने अदालत में चुनौती दी। उनका कहना था कि जब पहले से ही पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार मौजूद थे, तो कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक देकर मेरिट में शामिल करना गलत है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह फैसला भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन और तय नियमों के खिलाफ है।

कोर्ट ने क्या कहा

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की एकलपीठ में हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद कोर्ट ने पाया कि 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने के लिए कोई वैध या आधिकारिक आदेश मौजूद नहीं था।

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि यदि भर्ती नियमों में किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है तो इस तरह की रियायत देना मनमाना निर्णय माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के फैसलों से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

पारदर्शिता पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी भर्तियों में नियमों का सख्ती से पालन होना जरूरी है। किसी भी उम्मीदवार को बिना नियम के लाभ देना अन्य योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय माना जाएगा। अदालत ने यह भी माना कि इस तरह की छूट से पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होती है।

अब आगे क्या होगा

हाई कोर्ट ने मौजूदा मेरिट लिस्ट को निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों के अनुसार नई मेरिट लिस्ट तैयार करें। साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरा करने को कहा गया है।

इस फैसले के बाद अब सभी अभ्यर्थियों की नजर नई मेरिट लिस्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन बोर्ड को अधिक सावधानी बरतनी होगी।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

गौरतलब है कि इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। इससे पहले भी 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने के फैसले पर सवाल उठाए गए थे और अदालत ने इस पर कड़ी टिप्पणी की थी। ताजा फैसले ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी भर्ती में नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजस्थान हाई कोर्ट का यह फैसला सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निर्णय से यह संदेश भी गया है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को अदालत बर्दाश्त नहीं करेगी।


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बैंक जॉब क्रेडिट स्कोर नियम
बैंक जॉब क्रेडिट स्कोर नियम
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar19 Mar 2026 03:33 PM
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सरकारी बैंकों में नौकरी पाने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। अब सिर्फ लिखित परीक्षा पास करना और इंटरव्यू में सफल होना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवारों का क्रेडिट स्कोर भी उनकी नौकरी तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों की वित्तीय विश्वसनीयता को भी शामिल करना शुरू कर दिया है।

बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि जिस व्यक्ति को बैंक में जनता के पैसे और वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी दी जानी है, उसका खुद का वित्तीय रिकॉर्ड भी अच्छा होना चाहिए। यही कारण है कि अब भर्ती के दौरान उम्मीदवारों की क्रेडिट हिस्ट्री और सिबिल स्कोर की जांच की जा रही है।

बैंक भर्ती में क्यों जरूरी हो गया है क्रेडिट स्कोर

सरकारी बैंकों का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बैंकिंग नौकरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी उम्मीदवार ने पहले से लिया गया लोन नहीं चुकाया है या वह लोन डिफॉल्टर है, तो यह उसकी वित्तीय जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में बैंक उम्मीदवार की नियुक्ति पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

भर्ती प्रक्रिया के दौरान अब कई बैंक कैरेक्टर और एंटीसिडेंट वेरिफिकेशन के तहत उम्मीदवारों की सिबिल रिपोर्ट भी मांग रहे हैं। यदि किसी उम्मीदवार का क्रेडिट स्कोर बहुत कम पाया जाता है या उसकी रिपोर्ट में बकाया कर्ज दिखता है, तो उसकी जॉइनिंग रोकने तक का फैसला लिया जा सकता है।

किन उम्मीदवारों को हो सकती है परेशानी

इस नियम का असर खासतौर पर उन उम्मीदवारों पर पड़ सकता है जिन्होंने पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर नहीं किया है। ईएमआई में देरी या लगातार भुगतान न करने से क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो अब बैंक नौकरी में भी बाधा बन सकता है।

हालांकि एजुकेशन लोन लेने वाले छात्रों को कुछ राहत दी गई है। यदि एजुकेशन लोन का भुगतान तय नियमों के अनुसार चल रहा है या किसी मजबूरी की वजह से देरी हुई है, तो बैंक ऐसे मामलों में अलग से विचार कर सकते हैं। लेकिन जानबूझकर भुगतान नहीं करने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

आईबीपीएस और डायरेक्ट बैंक भर्ती में भी लागू हो रहा नियम

यह नियम उन भर्तियों पर भी लागू हो सकता है जो आईबीपीएस के माध्यम से या सीधे बैंकों द्वारा आयोजित परीक्षाओं से की जाती हैं। चयनित उम्मीदवारों को कई बार जॉइनिंग से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा जा रहा है।

यदि रिपोर्ट में कोई समस्या सामने आती है तो उम्मीदवार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जा सकता है। लेकिन यदि जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द भी की जा सकती है।

उम्मीदवारों के लिए क्या है जरूरी सावधानी

बैंकिंग करियर की तैयारी कर रहे छात्रों को अब अपनी पढ़ाई के साथ अपने वित्तीय रिकॉर्ड पर भी ध्यान देना होगा। समय-समय पर अपना सिबिल स्कोर चेक करना और किसी भी बकाया लोन को जल्द से जल्द निपटाना जरूरी हो गया है।

यदि किसी पुराने लोन को चुका दिया गया है, तो बैंक से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेना भी जरूरी है। यह दस्तावेज वेरिफिकेशन के समय बहुत काम आ सकता है। इसके अलावा किसी भी तरह के वित्तीय विवाद को समय रहते सुलझा लेना समझदारी होगी।

बैंकिंग करियर की तैयारी में वित्तीय अनुशासन भी जरूरी

बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का मतलब केवल परीक्षा की तैयारी करना नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत वित्तीय अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। बदलते नियमों के बीच अब उम्मीदवारों को यह समझना होगा कि अच्छा क्रेडिट स्कोर न केवल लोन लेने में बल्कि करियर बनाने में भी मदद कर सकता है।

इसलिए अगर आप भी सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो अभी से अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी है।


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कोल इंडिया SECL में 1600 अप्रेंटिस भर्ती, बिना परीक्षा सीधा चयन, जल्द करें आवेदन

SECL Apprentice Recruitment 2026 में 1600 पदों पर बिना परीक्षा भर्ती। जानें योग्यता, स्टाइपेंड, चयन प्रक्रिया और आवेदन का पूरा तरीका।

Coal India Apprentice Recruitment
Coal India Apprentice Recruitment
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar19 Mar 2026 03:02 PM
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कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने वर्ष 2026 के लिए अप्रेंटिस के 1600 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती उन युवाओं के लिए अच्छा अवसर है जो इंजीनियरिंग या डिप्लोमा करने के बाद सरकारी कंपनी में अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। खास बात यह है कि इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन केवल मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

कितने पदों पर होगी भर्ती

SECL द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कुल 1600 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों को मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा गया है जिसमें ग्रेजुएट अप्रेंटिस और तकनीशियन अप्रेंटिस शामिल हैं।

ग्रेजुएट अप्रेंटिस के अवसर

ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों के लिए उन उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा जिन्होंने माइनिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल जैसे इंजीनियरिंग ट्रेड में B.E. या B.Tech की डिग्री प्राप्त की है। यह उम्मीदवारों के लिए कोयला खदानों और तकनीकी कार्यों का प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त करने का अच्छा मौका होगा।

तकनीशियन डिप्लोमा अप्रेंटिस के अवसर

तकनीशियन अप्रेंटिस पदों के लिए इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस कैटेगरी में भी तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे उम्मीदवारों को अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद मिल सके।

शैक्षणिक योग्यता और जरूरी शर्तें

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित ट्रेड में डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है। साथ ही उम्मीदवार का नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना भी अनिवार्य है।

कुछ महत्वपूर्ण शर्तें इस प्रकार हैं:

  • उम्मीदवार ने अपनी डिग्री या डिप्लोमा वर्ष 2023, 2024 या 2025 में पूरा किया हो
  • पहले से अप्रेंटिसशिप कर चुके उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते
  • एक वर्ष से अधिक कार्य अनुभव वाले उम्मीदवार पात्र नहीं होंगे

स्टाइपेंड कितना मिलेगा

चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान सरकार के नियमों के अनुसार मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा।

  • ग्रेजुएट अप्रेंटिस को लगभग 9000 रुपये प्रति माह
  • तकनीशियन अप्रेंटिस को लगभग 8000 रुपये प्रति माह

यह स्टाइपेंड उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी

इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। उम्मीदवारों का चयन उनकी डिग्री या डिप्लोमा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट के जरिए किया जाएगा।

यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन कैसे करें

उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले NATS पोर्टल mhrdnats.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करें
  • इसके बाद SECL की आधिकारिक वेबसाइट secl-cil.in पर जाएं
  • अप्रेंटिस भर्ती लिंक पर क्लिक करें
  • आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें
  • जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
  • फॉर्म सबमिट करके प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें

क्यों खास है यह अवसर

SECL की यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए खास है जो बिना परीक्षा सरकारी कंपनी में प्रशिक्षण का मौका चाहते हैं। इसके साथ ही PSU में काम करने का अनुभव भविष्य में बेहतर नौकरी पाने में भी मदद कर सकता है।