BSSC Inter Level: 3 साल में एग्जाम नहीं, सिर्फ फॉर्म! फिर बढ़ी लास्ट डेट, भड़के 30 लाख अभ्यर्थी
BSSC Inter Level भर्ती 2023 की आवेदन तिथि फिर बढ़ी। 30 लाख अभ्यर्थी नाराज। जानिए नई लास्ट डेट, पदों की संख्या, योग्यता, चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न की पूरी जानकारी।

बिहार कर्मचारी चयन आयोग की बीएसएससी सेकेंड इंटर लेवल भर्ती एक बार फिर चर्चा में है। साल 2023 में निकली यह भर्ती अब 2026 में भी आवेदन प्रक्रिया में ही उलझी हुई है। आयोग ने एक बार फिर रजिस्ट्रेशन, फीस जमा और फॉर्म सब्मिट करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। बार-बार तारीख बढ़ाए जाने से परीक्षा का इंतजार कर रहे करीब 30 लाख अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
BSSC Inter Level भर्ती की लास्ट डेट फिर क्यों बढ़ी
बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 29 जनवरी 2026 कर दी है। वहीं आवेदन पत्र को पूरी तरह सब्मिट करने की आखिरी तारीख 15 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 कर दी गई है। आयोग का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों से आवेदन छूट गया था, उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है। हालांकि अभ्यर्थियों का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया और ज्यादा लंबी होती जा रही है।
2023 में निकली भर्ती अब 2026 तक भी अधूरी
BSSC सेकेंड इंटर लेवल भर्ती का विज्ञापन साल 2023 में जारी किया गया था। तब से लेकर अब तक न केवल पदों की संख्या कई बार बढ़ाई जा चुकी है, बल्कि आवेदन की अंतिम तिथि भी कई बार आगे बढ़ाई गई है। इस भर्ती के तहत कुल 24,492 पदों पर नियुक्ति होनी है। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी अभी तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।
पहले भी लंबा खिंच चुका है इंटर लेवल एग्जाम
अभ्यर्थी यह भी याद दिला रहे हैं कि इससे पहले पहली इंटर स्तरीय भर्ती का विज्ञापन 2014 में निकाला गया था, जिसका फाइनल रिजल्ट आने में करीब सात साल लग गए थे। ऐसे में मौजूदा भर्ती को लेकर भी उम्मीदवारों के मन में आशंका बढ़ती जा रही है कि परीक्षा और रिजल्ट में कितना समय लगेगा।
30 लाख से ज्यादा आवेदन, फिर भी बढ़ रही तारीख
इस भर्ती में अब तक करीब 30 लाख आवेदन आ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बावजूद बार-बार फॉर्म रीओपन करने और तारीख बढ़ाने से अभ्यर्थी नाराज हैं। सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि यह दुनिया का शायद इकलौता एग्जाम है, जिसमें तीन साल तक सिर्फ फॉर्म ही भरवाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा
एक यूजर ने लिखा कि 2023 से 2026 तक फॉर्म ही चल रहा है और परीक्षा कब होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए सवाल किया कि आखिर कितने साल तक इस भर्ती का फॉर्म भरवाया जाएगा। लगातार बढ़ती तारीखों ने अभ्यर्थियों के धैर्य की परीक्षा ले ली है।
भर्ती में कितने पद और किस वर्ग को कितना आरक्षण
BSSC सेकेंड इंटर लेवल भर्ती के तहत कुल 24,492 पदों पर नियुक्ति होनी है। इनमें अनारक्षित वर्ग के लिए 10,753 पद हैं। अनुसूचित जाति के लिए 3,407 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 231 पद, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 4,185 पद, पिछड़ा वर्ग के लिए 2,678 पद और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 811 पद आरक्षित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 2,427 पद तय किए गए हैं। कुल पदों में से 35 प्रतिशत यानी 7,816 पद महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण के तहत सुरक्षित रखे गए हैं।
योग्यता और आवेदन शुल्क की जानकारी
इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं यानी इंटरमीडिएट पास रखी गई है। कुछ पदों के लिए इंटर के साथ कंप्यूटर टाइपिंग की योग्यता भी जरूरी है। सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट onlinebssc.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न क्या रहेगा
BSSC इंटर लेवल भर्ती में चयन तीन चरणों में होगा। सबसे पहले प्रारंभिक लिखित परीक्षा होगी, इसके बाद मुख्य परीक्षा और फिर कुछ पदों के लिए स्किल टेस्ट लिया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। प्रीलिम्स परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, गणित और मानसिक क्षमता से कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 15 मिनट होगी और प्रत्येक गलत उत्तर पर एक अंक की निगेटिव मार्किंग होगी।
प्रीलिम्स में पास होने के लिए कितने अंक जरूरी
प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तय किए गए हैं। अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने की स्थिति में रिजल्ट नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी किया जाएगा। कुल रिक्तियों के पांच गुना उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कर मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
परीक्षा तिथि को लेकर अब भी असमंजस
हालांकि आवेदन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है, लेकिन परीक्षा तिथि को लेकर आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में लाखों अभ्यर्थी असमंजस और नाराजगी की स्थिति में हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग परीक्षा को लेकर कब ठोस घोषणा करता है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग की बीएसएससी सेकेंड इंटर लेवल भर्ती एक बार फिर चर्चा में है। साल 2023 में निकली यह भर्ती अब 2026 में भी आवेदन प्रक्रिया में ही उलझी हुई है। आयोग ने एक बार फिर रजिस्ट्रेशन, फीस जमा और फॉर्म सब्मिट करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। बार-बार तारीख बढ़ाए जाने से परीक्षा का इंतजार कर रहे करीब 30 लाख अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
BSSC Inter Level भर्ती की लास्ट डेट फिर क्यों बढ़ी
बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 29 जनवरी 2026 कर दी है। वहीं आवेदन पत्र को पूरी तरह सब्मिट करने की आखिरी तारीख 15 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 कर दी गई है। आयोग का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों से आवेदन छूट गया था, उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है। हालांकि अभ्यर्थियों का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया और ज्यादा लंबी होती जा रही है।
2023 में निकली भर्ती अब 2026 तक भी अधूरी
BSSC सेकेंड इंटर लेवल भर्ती का विज्ञापन साल 2023 में जारी किया गया था। तब से लेकर अब तक न केवल पदों की संख्या कई बार बढ़ाई जा चुकी है, बल्कि आवेदन की अंतिम तिथि भी कई बार आगे बढ़ाई गई है। इस भर्ती के तहत कुल 24,492 पदों पर नियुक्ति होनी है। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी अभी तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।
पहले भी लंबा खिंच चुका है इंटर लेवल एग्जाम
अभ्यर्थी यह भी याद दिला रहे हैं कि इससे पहले पहली इंटर स्तरीय भर्ती का विज्ञापन 2014 में निकाला गया था, जिसका फाइनल रिजल्ट आने में करीब सात साल लग गए थे। ऐसे में मौजूदा भर्ती को लेकर भी उम्मीदवारों के मन में आशंका बढ़ती जा रही है कि परीक्षा और रिजल्ट में कितना समय लगेगा।
30 लाख से ज्यादा आवेदन, फिर भी बढ़ रही तारीख
इस भर्ती में अब तक करीब 30 लाख आवेदन आ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बावजूद बार-बार फॉर्म रीओपन करने और तारीख बढ़ाने से अभ्यर्थी नाराज हैं। सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि यह दुनिया का शायद इकलौता एग्जाम है, जिसमें तीन साल तक सिर्फ फॉर्म ही भरवाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा
एक यूजर ने लिखा कि 2023 से 2026 तक फॉर्म ही चल रहा है और परीक्षा कब होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए सवाल किया कि आखिर कितने साल तक इस भर्ती का फॉर्म भरवाया जाएगा। लगातार बढ़ती तारीखों ने अभ्यर्थियों के धैर्य की परीक्षा ले ली है।
भर्ती में कितने पद और किस वर्ग को कितना आरक्षण
BSSC सेकेंड इंटर लेवल भर्ती के तहत कुल 24,492 पदों पर नियुक्ति होनी है। इनमें अनारक्षित वर्ग के लिए 10,753 पद हैं। अनुसूचित जाति के लिए 3,407 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 231 पद, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 4,185 पद, पिछड़ा वर्ग के लिए 2,678 पद और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 811 पद आरक्षित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 2,427 पद तय किए गए हैं। कुल पदों में से 35 प्रतिशत यानी 7,816 पद महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण के तहत सुरक्षित रखे गए हैं।
योग्यता और आवेदन शुल्क की जानकारी
इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं यानी इंटरमीडिएट पास रखी गई है। कुछ पदों के लिए इंटर के साथ कंप्यूटर टाइपिंग की योग्यता भी जरूरी है। सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट onlinebssc.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न क्या रहेगा
BSSC इंटर लेवल भर्ती में चयन तीन चरणों में होगा। सबसे पहले प्रारंभिक लिखित परीक्षा होगी, इसके बाद मुख्य परीक्षा और फिर कुछ पदों के लिए स्किल टेस्ट लिया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। प्रीलिम्स परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, गणित और मानसिक क्षमता से कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 15 मिनट होगी और प्रत्येक गलत उत्तर पर एक अंक की निगेटिव मार्किंग होगी।
प्रीलिम्स में पास होने के लिए कितने अंक जरूरी
प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तय किए गए हैं। अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने की स्थिति में रिजल्ट नॉर्मलाइज्ड पद्धति से जारी किया जाएगा। कुल रिक्तियों के पांच गुना उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कर मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
परीक्षा तिथि को लेकर अब भी असमंजस
हालांकि आवेदन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है, लेकिन परीक्षा तिथि को लेकर आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में लाखों अभ्यर्थी असमंजस और नाराजगी की स्थिति में हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग परीक्षा को लेकर कब ठोस घोषणा करता है।












