India Post GDS भर्ती 2026 में यूपी, बिहार, एमपी और दिल्ली के कई डिविजनों में कटऑफ 100% तक पहुंची। जानें 98% अंक वाले उम्मीदवार क्यों रह गए पीछे और दूसरी मेरिट लिस्ट कब आएगी।

भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक यानी इंडिया पोस्ट GDS भर्ती 2026 की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। मेरिट लिस्ट जारी होते ही कटऑफ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों के अधिकांश डिविजनों में जनरल कैटेगरी की कटऑफ 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में 98 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवार भी कई पदों पर चयन से पीछे रह गए हैं। अब सवाल है कि आखिर GDS भर्ती में कटऑफ इतनी ऊंची क्यों पहुंच गई और यूपी-बिहार के युवाओं की नौकरी कौन ले जा रहा है?
ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में चयन 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में जिन पदों के लिए ज्यादा अंक पाने वाले उम्मीदवार आवेदन करते हैं, वहां मेरिट काफी ऊपर जा सकती है। उत्तर प्रदेश में अनारक्षित श्रेणी के तहत कई डिविजनों में कटऑफ 100 प्रतिशत रही है। वहीं, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों में भी कई मंडलों में कटऑफ 98 से 100 प्रतिशत के बीच रही। बिहार में भी पटना, बेगूसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे प्रमुख मंडलों में कई पदों पर 99 प्रतिशत से अधिक या 100 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन हुआ है।
GDS भर्ती में दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों के आवेदन का मुद्दा भी सामने आया है। हरियाणा, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्यों के युवा उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में भी नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे इन राज्यों के स्थानीय उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार होती है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों के अंक ज्यादा होते हैं, उन्हें चयन में फायदा मिल सकता है। इसी वजह से यूपी और बिहार में 98 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवार भी कुछ पदों पर मेरिट में जगह नहीं बना पा रहे हैं।
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कोविड काल के दौरान बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित हुई थीं। उस समय हरियाणा और पंजाब जैसे कुछ राज्यों में विद्यार्थियों को 10वीं में 100-100 प्रतिशत अंक मिलने का मुद्दा चर्चा में रहा था। महामारी के कारण परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के पास किया गया था। अब GDS भर्ती में 10वीं के अंकों के आधार पर चयन होने के कारण कोविड काल में मिले अंकों को भी कटऑफ से जोड़कर देखा जा रहा है। ज्यादा अंक पाने वाले उम्मीदवार दूसरे राज्यों में भी आवेदन कर रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
मध्य प्रदेश सर्किल में छतरपुर, छिंदवाड़ा, गुना, खंडवा, मंडला, मंदसौर, मुरैना, रतलाम, सागर और विदिशा समेत कई मंडलों के विभिन्न जीडीएस पदों पर अनारक्षित श्रेणी की कटऑफ 100 प्रतिशत रही है। दिल्ली सर्किल के दिल्ली ईस्ट, दिल्ली नॉर्थ, नई दिल्ली साउथ वेस्ट और नई दिल्ली वेस्ट मंडलों में भी सामान्य, ओबीसी, एससी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के कुछ पदों पर 100 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन हुआ है।
GDS भर्ती में दूसरे राज्यों में आवेदन करने की एक वजह ट्रांसफर की संभावना भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो साल बाद गृह राज्य में ट्रांसफर की उम्मीद में कुछ उम्मीदवार दूसरे राज्यों में नौकरी करने के लिए तैयार हो जाते हैं। हालांकि, ट्रांसफर संबंधित नियमों और विभाग की मंजूरी पर निर्भर करता है। डाक अधिकारियों के अनुसार, दूसरे राज्यों से आने वाले कुछ कर्मचारियों को स्थानीय भाषा समझने और बोलने में परेशानी होती है। इससे उन्हें काम करने में दिक्कत आती है। ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच भाषा की समस्या के कारण भी काम प्रभावित हो सकता है। पहले की भर्तियों में ऐसे मामले सामने आने की बात कही गई है, जहां कर्मचारी बाद में ट्रांसफर कराकर दूसरे स्थान पर चले गए।
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पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों को दूसरी मेरिट लिस्ट का इंतजार है। जिन उम्मीदवारों का नाम पहली सूची में नहीं आया है, उन्हें अगली सूची से उम्मीद है। दूसरी मेरिट लिस्ट कब जारी होगी, इसकी तारीख के लिए उम्मीदवारों को भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। उम्मीदवार indiapost.gov.in/gdsonlineengagement पर भर्ती से जुड़ी जानकारी और मेरिट लिस्ट देख सकते हैं।
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