जेईई एडवांस्ड में तीसरा अटेम्प्ट मिलेगा या नहीं? आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल के बयान, 12 हजार छात्रों की मांग और मौजूदा परीक्षा नियमों की पूरी जानकारी जानें।

IIT में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए JEE एडवांस्ड में तीसरे अटेम्प्ट का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अभी उम्मीदवारों को जेईई एडवांस्ड परीक्षा में लगातार दो वर्षों के दौरान अधिकतम दो बार शामिल होने का मौका मिलता है। हालांकि, अब इस सीमा को बढ़ाकर तीन अटेम्प्ट करने की मांग तेज हो गई है। 12 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा की पात्रता शर्तों की समीक्षा करने की मांग की है। इस बीच IIT कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल के बयान से आने वाले वर्षों में परीक्षा के नियमों में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, IIT काउंसिल और जॉइंट एडमिशन बोर्ड यानी जेएबी से जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के मौकों की संख्या पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है। छात्रों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक परिस्थितियों और परीक्षा के तनाव जैसी वजहों से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में तीसरा अटेम्प्ट मिलने से उन्हें आईआईटी में दाखिला पाने के लिए एक और अवसर मिल सकता है। हालांकि, अभी तक तीसरे अटेम्प्ट को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में जेईई एडवांस्ड की व्यवस्था में बदलाव की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने माना कि परीक्षा के मौजूदा नियमों में बदलाव को लेकर मांगें उठ रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल तुरंत कोई बदलाव करने की योजना नहीं है।
मीडिया से बातचीत में मनिंद्र अग्रवाल ने परीक्षा के भविष्य और इसमें संभावित बदलावों को लेकर अपनी बात रखी। इस चर्चा में यह सवाल भी शामिल है कि क्या उम्मीदवारों को जेईई एडवांस्ड में तीसरा मौका दिया जाना चाहिए। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि इस विषय पर भविष्य में विचार किया जा सकता है, लेकिन अभी किसी नए नियम की घोषणा नहीं हुई है।
जेईई एडवांस्ड में तीसरे अटेम्प्ट की मांग करने वाले 12 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा की पात्रता शर्तों की समीक्षा की अपील की है। छात्रों ने अपनी याचिका में उन परिस्थितियों का उल्लेख किया है, जिनकी वजह से किसी उम्मीदवार की तैयारी या परीक्षा में शामिल होने की योजना प्रभावित हो सकती है। छात्रों के अनुसार, मेडिकल इमरजेंसी, परिवार से जुड़ी परेशानियां और परीक्षा का मानसिक दबाव उनकी तैयारी में बाधा बन सकते हैं। ऐसी परिस्थितियां कई बार उम्मीदवारों के नियंत्रण से बाहर होती हैं। इसलिए उनका मानना है कि परीक्षा में एक अतिरिक्त मौका मिलने से ऐसे छात्रों को अपनी तैयारी बेहतर करने और आईआईटी में दाखिला पाने का एक और अवसर मिल सकता है। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, आईआईटी काउंसिल और जॉइंट एडमिशन बोर्ड से इस मामले पर विचार करने का आग्रह किया है। इस मांग के बाद जेईई एडवांस्ड में अटेम्प्ट की सीमा बढ़ाने का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
JEE Advanced में तीसरे अटेम्प्ट की मांग के पीछे कोविड-19 महामारी के दौरान पैदा हुई परिस्थितियां भी एक वजह हैं। महामारी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। कई छात्रों को अपनी तैयारी और परीक्षा से जुड़ी योजनाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उस दौरान आईआईटी प्रशासन ने वर्ष 2020 और 2022 में विशेष व्यवस्था की थी। इसके तहत असाधारण परिस्थितियों से प्रभावित कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त मौका दिया गया था। बाद में परिस्थितियां सामान्य होने पर इन विशेष छूटों को वापस ले लिया गया। इसके बाद से छात्र लगातार यह मांग कर रहे हैं कि तीसरे अटेम्प्ट की सुविधा को स्थायी रूप से लागू करने पर विचार किया जाए। उनका तर्क है कि विशेष परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुए उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त अवसर मिलने से उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है।
वर्तमान नियमों के अनुसार, उम्मीदवार लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार JEE Advanced की परीक्षा दे सकते हैं। आमतौर पर पहला मौका उस वर्ष मिलता है, जब विद्यार्थी कक्षा 12वीं की परीक्षा देते हैं। पात्रता शर्तें पूरी करने पर अगले वर्ष उन्हें दूसरा मौका मिलता है। इस व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए दो अवसर मिलते हैं। यदि अटेम्प्ट की सीमा बढ़ाकर तीन की जाती है, तो पात्र उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त मौका मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए संबंधित संस्थाओं की मंजूरी और आधिकारिक नियमों में बदलाव जरूरी होगा। फिलहाल परीक्षा में तीसरे अटेम्प्ट को शामिल करने के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए उम्मीदवारों को मौजूदा पात्रता नियमों के आधार पर ही अपनी तैयारी और परीक्षा की योजना बनानी चाहिए।
ये भी पढ़ें: बिहार में 18 साल बाद लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा, BSLET 2026 आवेदन का आज आखिरी मौका
जेईई एडवांस्ड में तीसरा अटेम्प्ट मिलने से उन छात्रों को फायदा हो सकता है, जिनकी तैयारी किसी ऐसी परिस्थिति के कारण प्रभावित हुई हो, जिस पर उनका नियंत्रण नहीं था। अतिरिक्त मौका मिलने पर उम्मीदवार अपनी कमजोरियों को दूर करने और परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए अधिक समय पा सकते हैं। इसके अलावा, जिन छात्रों की तैयारी पहली या दूसरी कोशिश में उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, उन्हें अपनी रणनीति सुधारने का एक और अवसर मिल सकता है। इससे वे आईआईटी में दाखिले के लिए दोबारा प्रयास कर सकेंगे, बशर्ते वे लागू पात्रता शर्तों को पूरा करते हों। हालांकि, तीसरे अटेम्प्ट का एक दूसरा पहलू भी है। अतिरिक्त मौका मिलने पर कुछ छात्रों को परीक्षा की तैयारी में एक और साल लगाने का दबाव महसूस हो सकता है। इससे कोचिंग पर निर्भरता बढ़ने और तैयारी का खर्च बढ़ने की आशंका भी हो सकती है।
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने जेईई एडवांस्ड की तैयारी में कोचिंग संस्थानों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी चिंता जताई है। उनके अनुसार, परीक्षा काफी हद तक कोचिंग पर निर्भर हो गई है। इसलिए इस निर्भरता को कम करने के तरीकों पर विचार करना जरूरी है। परीक्षा व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर हो रही चर्चा में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है। परीक्षा को लेकर छात्रों की मांगों के साथ-साथ इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि तैयारी की प्रक्रिया में कोचिंग पर निर्भरता को किस तरह कम किया जा सकता है।
ये भी पढ़ें: पुलिस में नौकरी का बड़ा मौका! 6वीं-8वीं पास के लिए 1137 पद, जानें पूरी डिटेल
जेईई एडवांस्ड में तीसरे अटेम्प्ट की संभावना को लेकर छात्रों के बीच उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी इसे आधिकारिक बदलाव नहीं माना जा सकता। 12 हजार से अधिक छात्रों की मांग और आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर के बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। उन्होंने आने वाले वर्षों में बदलावों पर विचार किए जाने की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल तत्काल बदलाव की कोई योजना नहीं है। ऐसे में उम्मीदवारों को जेईई एडवांस्ड के मौजूदा नियमों और आधिकारिक घोषणाओं पर ध्यान देना चाहिए। जब तक संबंधित संस्थाओं की ओर से अटेम्प्ट की सीमा में बदलाव की पुष्टि नहीं की जाती, तब तक दो प्रयासों का मौजूदा नियम ही लागू माना जाएगा। तीसरे अटेम्प्ट पर अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आने वाले वर्षों में उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा या नहीं।
सरकारी नौकरी से जुड़े सभी अपडेट पढ़ने के लिए आप हमारे साथ बने रहें, चेतना मंच के न्यूज पोर्टल www.chetnamanch.com पर।
विज्ञापन