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लखनऊ विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 से 22 नए माइनर डिग्री कोर्स शुरू होंगे। यूजी छात्रों को दूसरे वर्ष से अतिरिक्त स्किल और डिग्री का लाभ मिलेगा। जानें पूरी जानकारी।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 से 22 नए माइनर डिग्री कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों का फायदा स्नातक यानी यूजी छात्रों को मिलेगा। छात्र अपने मुख्य पाठ्यक्रम के साथ इन कोर्सों को चुनकर अतिरिक्त योग्यता और नई स्किल हासिल कर सकेंगे। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ करियर में भी बढ़त मिलने की उम्मीद है।
कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने मंगलवार को उमा हरिकृष्ण अवस्थी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए सत्र से छात्रों को आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार नए विकल्प दिए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के अनुसार यूजी छात्र अपने दूसरे वर्ष से माइनर डिग्री कोर्स शुरू कर सकेंगे। यह कार्यक्रम कुल 20 क्रेडिट का होगा। स्नातक स्तर पर इसमें कुल पांच पेपर शामिल किए गए हैं। छात्र अपने मुख्य विषय के साथ किसी अन्य विषय में भी ज्ञान और कौशल हासिल कर पाएंगे।
इस व्यवस्था से छात्रों को एक ही डिग्री के साथ अतिरिक्त विशेषज्ञता मिलेगी, जो आगे नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में उपयोगी साबित हो सकती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन और इंजीनियरिंग समेत कई संकायों की ओर से कुल 22 माइनर कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इनमें सोशल साइंसेज एंड डेटा एनालिसिस, एआई एंड ह्यूमन बिहेवियर, साइबर पॉलिसी एंड डिजिटल गवर्नेंस, अप्लाइड फिलॉसफी, एंशियंट इंडियन कल्चर एंड आर्कियोलॉजी, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एंथ्रोपोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस, सोशल वर्क प्रैक्टिस, कम्युनिटी एंड हेल्थ एजुकेशन, पॉप्युलेशन स्टडीज एंड रूरल डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा क्राइम प्रिवेंशन, फॉरेंसिक एंड क्रिमिनल जस्टिस एडमिनिस्ट्रेशन, सस्टेनेबल इकोनॉमिक डेवलपमेंट, अप्लाइड हिन्दी, फलित ज्योतिष, एआई एंड एमएल, डेटा साइंस और इंडस्ट्रियल कंट्रोल एंड ड्राइव सिस्टम्स जैसे कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने बताया कि नए सत्र से पांच को करिकुलर और वोकेशनल कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इनमें श्रीमद्भगवद्गीता फॉर हॉलिस्टिक वेल बीइंग, फॉर नेविगेटिंग कंटेम्प्ररी चैलेंजेस, भारतीय नाट्य शास्त्र, भारतीय सौन्दर्यशास्त्र और एआई फॉर ऑल शामिल हैं।
इन कोर्सों का उद्देश्य छात्रों के व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक समझ और आधुनिक तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना है।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने कई लोकप्रिय कोर्सों में सीटें भी बढ़ाई हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार बीएससी गणित, सांख्यिकी और कंप्यूटर साइंस, बीएससी जूलॉजी, बॉटनी और केमिस्ट्री, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, पांच वर्षीय एलएलबी, एमएससी कंप्यूटर साइंस, बायोकेमिस्ट्री, सांख्यिकी, बायोटेक, एमए समाजशास्त्र, एमकॉम कॉमर्स और एमए अस्पताल प्रशासन जैसे कोर्सों में कुल 2326 सीटें बढ़ाई गई हैं।
इस फैसले से ज्यादा छात्रों को प्रवेश का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुलेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय का यह निर्णय छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ नई स्किल सीख सकेंगे और बदलते समय के अनुसार खुद को तैयार कर पाएंगे। एआई, डेटा साइंस, फॉरेंसिक, मीडिया, अर्थव्यवस्था और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों का समावेश छात्रों को बहुआयामी शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम है।
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