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Manali Travel Guide: मनाली ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ है और चारों तरफ ऊंचे पहाड़ इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। मनाली का नाम हिंदू धर्म के मनु ऋषि से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि प्रलय के बाद मनु ऋषि ने यहीं आकर नई सभ्यता की शुरुआत की थी। इ

Manali Travel: अगर भारत के सबसे खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थलों की बात हो और उसमें मनाली का नाम न आए ऐसा शायद ही हो। बर्फ से ढके पहाड़, बहती ब्यास नदी, ठंडी हवाएं, देवदार के घने जंगल, एडवेंचर एक्टिविटी और शांत वातावरण मनाली की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। अगर आप परिवार के साथ घूमने जा रहे हैं, दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान कर रहे हैं या फिर हनीमून के लिए बेस्ट प्लेस की तलाश में हैं तो मनाली आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। मनाली कैसे पहुंचे, मनाली घूमने के लिए सबसे बेस्ट समय, मनाली में कहां ठहरें ये सभी जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है। चलिए जानते हैं पूरी जानकारी।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित मनाली समुद्र तल से करीब 2,050 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है। यह जगह सालभर पर्यटकों से गुलजार रहती है और हर मौसम में इसका अलग रंग देखने को मिलता है। यह चंडीगढ़ से लगभग 300 किलोमीटर और दिल्ली से करीब 540 किलोमीटर दूर है। मनाली ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ है और चारों तरफ ऊंचे पहाड़ इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। मनाली का नाम हिंदू धर्म के मनु ऋषि से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि प्रलय के बाद मनु ऋषि ने यहीं आकर नई सभ्यता की शुरुआत की थी। इसी कारण इस स्थान को "मनु-आलय" कहा गया जो बाद में मनाली बन गया।
मनाली सालभर घूमने लायक जगह है लेकिन आपका अनुभव मौसम के अनुसार बदल सकता है। अगर आपको बर्फबारी देखनी है तो दिसंबर से फरवरी का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान तापमान कई बार शून्य से नीचे चला जाता है और पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है। अगर आप हरियाली, साफ मौसम और घूमने-फिरने का पूरा मजा लेना चाहते हैं तो मार्च से जून सबसे अच्छा समय है। इस दौरान तापमान सामान्य रहता है और अधिकांश पर्यटन स्थल खुले रहते हैं। जुलाई और अगस्त में बारिश का मौसम होता है। इस दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की संभावना रहती है। इसलिए इस मौसम में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं सितंबर से नवंबर का समय भी बेहद शानदार माना जाता है। इन महीनों में मौसम साफ रहता है और ज्यादा भीड़ भी नहीं रहती है।
मनाली तक पहुंचना काफी आसान है। मनाली पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के कई शहरों से मनाली के लिए नियमित वोल्वो और सरकारी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। दिल्ली से बस यात्रा में आमतौर पर 11 से 14 घंटे का समय लगता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो मनाली का अपना रेलवे स्टेशन नहीं है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ और अंबाला हैं। वहां से टैक्सी या बस के जरिए मनाली पहुंचा जा सकता है। हवाई यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर एयरपोर्ट है जो मनाली से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। एयरपोर्ट से टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
मनाली में हर बजट के होटल उपलब्ध हैं। यहां 800 रुपये प्रति रात वाले बजट होटल से लेकर 20,000 रुपये या उससे अधिक कीमत वाले लग्जरी रिसॉर्ट तक मिल जाते हैं। अगर आप बाजार और घूमने वाली जगहों के करीब रहना चाहते हैं तो मॉल रोड के आसपास होटल चुन सकते हैं। वहीं शांति और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने वाले लोग शहर से थोड़ा दूर स्थित होटल पसंद करते हैं।
मनाली पहुंचने के बाद सबसे पहले लोग मॉल रोड का रुख करते हैं। यह शहर का सबसे लोकप्रिय इलाका है जहां खरीदारी, स्थानीय खाना और शाम की सैर का अलग ही मजा है। हिडिंबा देवी मंदिर मनाली के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। देवदार के जंगलों के बीच बना यह मंदिर पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। मनु मंदिर, वशिष्ठ मंदिर, वशिष्ठ हॉट वाटर स्प्रिंग, क्लब हाउस और ब्यास नदी के किनारे बिताया गया समय भी आपकी यात्रा को यादगार बना सकता है। सोलंग वैली में पैराग्लाइडिंग, ज़ॉर्बिंग, घुड़सवारी और कई एडवेंचर गतिविधियां की जा सकती हैं। सर्दियों में यहां स्कीइंग भी होती है। रोहतांग पास खुला हो तो वहां की यात्रा जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बन सकती है। हालांकि रोहतांग जाने के लिए पहले से परमिट की जरूरत पड़ सकती है।
मनाली का स्थानीय खाना भी पर्यटकों को काफी पसंद आता है। यहां हिमाचली धाम, सिड्डू, थुकपा, मोमोज और स्थानीय व्यंजन जरूर चखने चाहिए। मॉल रोड और आसपास के इलाकों में आपको भारतीय, चाइनीज, तिब्बती और कॉन्टिनेंटल भोजन आसानी से मिल जाएगा।
मनाली जाने से पहले मौसम के अनुसार तैयारी करना बेहद जरूरी है। गर्मियों में भी रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है, इसलिए जैकेट जरूर रखें। सर्दियों में यात्रा कर रहे हैं तो भारी ऊनी कपड़े, दस्ताने, टोपी, मफलर और अच्छे जूते साथ रखें। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, पावर बैंक, पहचान पत्र, मोबाइल चार्जर और नकदी भी साथ रखें। अगर बर्फबारी के मौसम में जा रहे हैं तो वाटरप्रूफ जूते और गर्म कपड़े सबसे जरूरी सामान में शामिल होने चाहिए।
मनाली का खर्च आपकी यात्रा शैली पर निर्भर करता है। एक सामान्य यात्री 3 से 4 दिन की यात्रा में लगभग 10,000 से 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च कर सकता है। अगर आप लग्जरी होटल, निजी टैक्सी और एडवेंचर एक्टिविटी का आनंद लेते हैं तो खर्च इससे काफी ज्यादा हो सकता है। वहीं बजट ट्रैवलर बस और सस्ते होटल चुनकर खर्च कम कर सकते हैं।
पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल सकता है इसलिए यात्रा से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें। सर्दियों में सड़क बंद होने या बर्फबारी की स्थिति की जानकारी भी पहले से ले लें। ऑफ-सीजन में होटल सस्ते मिल सकते हैं जबकि छुट्टियों और लंबे वीकेंड में कीमतें काफी बढ़ जाती हैं। इसलिए होटल और बस की बुकिंग पहले से कर लेना बेहतर रहता है।
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