नीट जेईई छात्रों के लिए मोदी सरकार मुफ्त कोचिंग नेटवर्क तैयार कर रही है। जानें 2 अक्टूबर से संभावित शुरुआत, एआई प्लेटफॉर्म, SATHEE और मुफ्त कोचिंग की पूरी जानकारी।

इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार नीट और जेईई मेन की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका देना है, जो आर्थिक कारणों या अपने क्षेत्र में अच्छी कोचिंग उपलब्ध नहीं होने की वजह से महंगी कोचिंग का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
सरकार की इस पहल में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों और ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है, जहां गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं है। इससे उन छात्रों को फायदा मिल सकता है, जो अभी स्कूल की पढ़ाई, सेल्फ स्टडी या स्थानीय संसाधनों के भरोसे नीट और जेईई मेन की तैयारी करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में युवाओं से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान किया था। इनमें नीट और जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग से जुड़ी पहल भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इन योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है और कुछ योजनाओं को 2 अक्टूबर से शुरू किए जाने की तैयारी है।
मुफ्त कोचिंग को लेकर संबंधित मंत्रालयों ने इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर को शुरुआत किए जाने की बात अभी तैयारी के स्तर पर है। इसलिए छात्रों को योजना की आधिकारिक शुरुआत और नियमों से जुड़ी घोषणा का इंतजार करना होगा।
सरकार की प्रस्तावित मुफ्त कोचिंग व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए एक टेक्नोलॉजी और एआई आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना है। इस प्लेटफॉर्म को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय मिलकर विकसित करेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में काम करेंगे। वहीं शिक्षा मंत्रालय स्कूलों, विश्वविद्यालयों और दूसरे शिक्षण संस्थानों के संसाधनों को इससे जोड़ने में अकादमिक सहयोग देगा। इसका मकसद छात्रों को एक ऐसा डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन मिल सके।
प्रस्तावित मुफ्त कोचिंग नेटवर्क केवल ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित रखने की योजना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, आगे चलकर ऑफलाइन और कंप्यूटर आधारित पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा। खास तौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है।
इस व्यवस्था से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को भी नीट और जेईई मेन की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इसका एक बड़ा उद्देश्य शहरों और छोटे या दूर के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के बीच कोचिंग की सुविधा का अंतर कम करना है।
सरकार की योजना भविष्य में इस नेटवर्क का दायरा बढ़ाने की भी है। आगे चलकर विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना बताई गई है। यानी इसका उद्देश्य केवल नीट और जेईई मेन तक सीमित नहीं रहेगा।
इस पहल के जरिए उन छात्रों को बेहतर अवसर देने की कोशिश की जा रही है, जो महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। इससे ऐसे विद्यार्थी स्कूल की पढ़ाई और सेल्फ स्टडी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के क्षेत्र में सरकार का SATHEE प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके जरिए 21 लाख से अधिक छात्र मुफ्त कोचिंग ले चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म पर आईआईटी, एम्स और दूसरे प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों के माध्यम से जेईई, नीट, सीयूईटी, बैंकिंग, एसएससी, क्लैट और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराई गई है।
SATHEE पर छात्रों को 13 भारतीय भाषाओं में पढ़ाई की सुविधा दी गई है। तैयारी के साथ छात्रों को सेल्फ असेसमेंट का अवसर भी मिलता है, जिससे वे अपनी तैयारी के स्तर को समझ सकते हैं। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विशेषज्ञों की ओर से मॉक टेस्ट भी तैयार किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर समेत सात राज्य SATHEE पोर्टल से जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और झारखंड समेत अन्य राज्यों के भी जल्द इससे जुड़ने की बात कही गई है।
SATHEE व्यवस्था में आईआईटी और एम्स के वरिष्ठ छात्रों को मेंटर के तौर पर जोड़ने की भी व्यवस्था है। छात्र लाइव सत्र के दौरान व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सलाह ले सकते हैं। इसके अलावा क्यूआर कोड स्कैनिंग आधारित इंटरैक्शन ऐप भी तैयार किया गया है।
नीट और जेईई मेन जैसी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र हर साल शामिल होते हैं। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में मुफ्त कोचिंग नेटवर्क की योजना छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
सरकार का फोकस ऐसे विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन पहुंचाने पर है, जिन्हें आर्थिक या भौगोलिक कारणों से अच्छी कोचिंग नहीं मिल पाती। अगर प्रस्तावित नेटवर्क तय योजना के अनुसार लागू होता है, तो नीट और जेईई मेन की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और तकनीक आधारित सीखने की सुविधा मिल सकती है।
फिलहाल छात्रों की नजर इस बात पर है कि मुफ्त नीट जेईई कोचिंग नेटवर्क को लेकर सरकार की आधिकारिक घोषणा कब होती है और इसके लिए छात्रों की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य नियम क्या तय किए जाते हैं। 2 अक्टूबर से कुछ योजनाओं की शुरुआत की संभावित चर्चा के बीच छात्रों को आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
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