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NEET UG 2026 में बायोमैट्रिक फेल होने पर भी मिलेगी परीक्षा देने की अनुमति। जानें NTA के नए नियम, एग्जाम टाइमिंग, ड्रेस कोड और जरूरी गाइडलाइन।

NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी उम्मीदवार का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन परीक्षा केंद्र पर फेल हो जाता है, तो भी उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। यह फैसला उन छात्रों की चिंता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो तकनीकी या अन्य कारणों से बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी न हो पाने को लेकर परेशान थे।
NTA के अनुसार, ऐसी स्थिति में उम्मीदवार को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए उसे एक लिखित अंडरटेकिंग यानी घोषणा पत्र भरना होगा। यह फॉर्मेट परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन कई वजहों से फेल हो सकता है, जैसे मशीन में तकनीकी खराबी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, फिंगरप्रिंट की गुणवत्ता खराब होना या किसी प्रकार की शारीरिक अक्षमता। NTA ने इन सभी संभावित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया है ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
एजेंसी ने यह भी साफ किया है कि परीक्षा के दौरान यानी दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक छात्रों को बायोमैट्रिक प्रक्रिया के कारण किसी तरह की बाधा नहीं दी जाएगी।
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें क्योंकि प्रवेश प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी और दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में एंट्री नहीं मिलेगी।
परीक्षा से पहले सभी उम्मीदवारों को सुरक्षा जांच और बायोमैट्रिक प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा, लेकिन यदि किसी कारण से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो अंडरटेकिंग के माध्यम से परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी।
NTA ने परीक्षा में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया है। अगर कोई छात्र मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, नोट्स, कागज या किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर आता है, तो उसे अनुचित साधनों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा बैग, गहने, बेल्ट, टोपी और खाने-पीने की चीजों पर भी प्रतिबंध रहेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल जरूरी दस्तावेज और साधारण वस्तुएं ही साथ लेकर आएं।
परीक्षा के दिन छात्रों को सादे और हल्के कपड़े पहनने होंगे। पूरी बाजू वाले कपड़े, बड़े बटन या भारी डिजाइन वाले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है। जूते की जगह चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है।
यदि कोई छात्र धार्मिक कारणों से विशेष पोशाक पहनता है, तो उसे जांच प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा ताकि उसकी पूरी तरह से जांच की जा सके।
NTA का यह फैसला छात्रों के लिए राहत भरा है, क्योंकि अब केवल बायोमैट्रिक फेल होने के कारण किसी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। हालांकि, छात्रों को सभी नियमों और दिशा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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