SSC CGL Result 2025 जारी, 15118 अभ्यर्थी सफल। जानिए FRTA क्या है, Fix और Float विकल्प का मतलब, Sliding Mechanism कैसे काम करेगा और पहचान सत्यापन की पूरी प्रक्रिया।

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 15118 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। आयोग ने इस बार चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी बनाने के लिए पहली बार FRTA (First Round of Tentative Allocation) और Sliding Mechanism लागू किया है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन रिक्त पदों को भरना है जो पहले दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थिति या चयन के बाद जॉइन न करने के कारण खाली रह जाते थे। अब इस प्रक्रिया के जरिए अधिकतम रिक्तियों का उपयोग किया जा सकेगा।
SSC द्वारा जारी परिणाम के अनुसार सफल अभ्यर्थियों की श्रेणीवार संख्या इस प्रकार है:
अनारक्षित वर्ग में सफल 6458 अभ्यर्थियों में अन्य श्रेणियों के उम्मीदवार भी शामिल हैं, जिनमें:
गौरतलब है कि SSC ने टियर-वन परीक्षा का परिणाम 18 दिसंबर 2025 को जारी किया था, जबकि टियर-टू की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 18 और 19 जनवरी 2026 को आयोजित हुई थी।
SSC ने 3 मार्च 2026 की अधिसूचना के अनुसार FRTA प्रणाली लागू की है। FRTA का पूरा नाम First Round of Tentative Allocation है।
इस प्रक्रिया के तहत पहले चरण में अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट और पोस्ट वरीयता के आधार पर अस्थायी रूप से पद और विभाग आवंटित किए जाते हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों को अपने आवंटन की पुष्टि के लिए पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
SSC मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार इस व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी।
FRTA के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित समय में पहचान सत्यापन (IV) कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्हें SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक करना होगा।
पहचान सत्यापन में शामिल प्रक्रियाएं:
अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार शहर, राज्य, तिथि और शिफ्ट का चयन कर सकते हैं। एक बार बुक किया गया स्लॉट अंतिम माना जाएगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय पर सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसका अभ्यर्थन रद्द किया जा सकता है।
पहली बार SSC ने अभ्यर्थियों को Fix और Float विकल्प चुनने का मौका दिया है। यह विकल्प पहचान सत्यापन के दौरान चुनना अनिवार्य होगा।
Fix विकल्प का अर्थ है कि अभ्यर्थी अपने वर्तमान आवंटित पद को अंतिम रूप से स्वीकार कर रहा है।
इसका मतलब:
Float विकल्प का अर्थ है कि अभ्यर्थी भविष्य में बेहतर पोस्ट मिलने की संभावना खुली रखना चाहता है।
इसका मतलब:
लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण शर्त भी है।
यदि अभ्यर्थी को अपग्रेडेड पोस्ट मिलती है तो उसे अनिवार्य रूप से जॉइन करना होगा। यदि वह जॉइन नहीं करता है तो उसकी पुरानी और नई दोनों पोस्ट रद्द हो सकती हैं।
Sliding Mechanism की प्रक्रिया FRTA से शुरू होती है। इसके बाद पहचान सत्यापन कराया जाता है।
यदि कुछ अभ्यर्थी सत्यापन में अनुपस्थित रहते हैं या जॉइन नहीं करते हैं तो जो पद खाली होते हैं उन्हें एक बार के स्लाइडिंग राउंड में दोबारा आवंटित किया जाएगा।
यह आवंटन केवल Float विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट और वरीयता के आधार पर किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के बाद जारी किया गया अंतिम परिणाम सभी अभ्यर्थियों और विभागों के लिए बाध्यकारी होगा।
अभ्यर्थियों को सत्यापन के समय कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे:
मोबाइल नंबर इसलिए जरूरी है क्योंकि सत्यापन के दौरान OTP आधारित प्रमाणीकरण किया जाएगा।
SSC मध्य क्षेत्र के अभ्यर्थियों का पहचान सत्यापन 13 अप्रैल 2026 से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, देवघाट झलवा में आयोजित किया जाएगा।
अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर सत्यापन केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है।