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SSC MTS Exam 2025 में आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। 36 लाख आवेदनों में सिर्फ 16.70 लाख पहुंचे परीक्षा देने। जानें पूरी रिपोर्ट, वैकेंसी और आवेदन आंकड़े।

कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी की मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर बड़ा आंकड़ा सामने आया है। इस भर्ती परीक्षा में देशभर से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में से आधे से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा देने नहीं पहुंचे। आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, 7948 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में कुल 36,17,245 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से केवल करीब 16.70 लाख उम्मीदवार ही परीक्षा में शामिल हुए। इसका मतलब है कि लगभग 19.47 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
एसएससी एमटीएस परीक्षा 2025 के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन किए गए थे, लेकिन उपस्थिति के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया। कुल पंजीकृत उम्मीदवारों में से आधे से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंचे। इससे साफ है कि सरकारी नौकरी की इस बड़ी भर्ती परीक्षा में रुचि तो रही, लेकिन बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अंतिम समय पर परीक्षा नहीं दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, परीक्षा केंद्र की दूरी, कई भर्तियों का एक साथ आना और चयन प्रक्रिया की लंबी अवधि जैसी वजहें गैरहाजिरी के पीछे हो सकती हैं।
मध्य क्षेत्र के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार में राष्ट्रीय औसत की तुलना में उपस्थिति बेहतर दर्ज की गई। दोनों राज्यों में कुल 5,10,032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2,64,366 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। यानी यहां 51.83 प्रतिशत उपस्थिति रही।
उत्तर प्रदेश में कुल 3,15,748 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1,52,925 उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे। वहीं बिहार में 1,94,284 उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 1,11,441 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। बिहार में उपस्थिति प्रतिशत उत्तर प्रदेश से बेहतर रहा।
एसएससी एमटीएस और हवलदार भर्ती 2025 में सिर्फ उपस्थिति ही नहीं घटी, बल्कि आवेदन संख्या में भी बड़ी कमी देखने को मिली। साल 2024 में इस भर्ती के लिए 57,44,713 आवेदन आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 36,17,245 रह गई। यानी एक साल में करीब 21 लाख कम आवेदन हुए।
अगर पिछले वर्षों के आंकड़े देखें तो 2023 में 26,09,777, साल 2022 में 55,21,917, साल 2021 में 39,33,119 और साल 2020 में 45,35,071 आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे साफ है कि हर साल आवेदन संख्या में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
एसएससी एमटीएस भर्ती 2025 के जरिए कुल 7948 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में मल्टी टास्किंग स्टाफ यानी एमटीएस के 6810 पद शामिल हैं। वहीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स में हवलदार के 1138 पद भरे जाएंगे।
एमटीएस भर्ती के तहत चपरासी, चौकीदार, जमादार, माली, गेटकीपर जैसे पदों पर नियुक्ति की जाती है। इसलिए 10वीं पास युवाओं के बीच यह भर्ती काफी लोकप्रिय मानी जाती है।
एसएससी एमटीएस परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए अच्छा मौका मानी जाती है जिनकी गणित और रीजनिंग कमजोर है। परीक्षा दो सेशन में होती है और दोनों एक ही दिन आयोजित किए जाते हैं।
पहले सेशन में न्यूमेरिकल एंड मैथमेटिकल एबिलिटी और रीजनिंग से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस सेशन में केवल क्वालिफाई करना होता है और इसके अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को सिर्फ 30 प्रतिशत अंक लाने होते हैं। साथ ही इसमें नेगेटिव मार्किंग भी नहीं होती।
यही कारण है कि कम तैयारी वाले उम्मीदवार भी इस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और सरकारी नौकरी पाने का मौका बना सकते हैं।
कर्मचारी चयन आयोग ने सेलेक्शन पोस्ट फेज 14 भर्ती के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 3003 पदों पर भर्ती होगी। आवेदन की अंतिम तिथि 4 मई है, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तारीख 5 मई तय की गई है।
इस भर्ती में 10वीं पास से लेकर स्नातक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने परीक्षा पैटर्न में बदलाव करते हुए सेक्शनल टाइमिंग भी लागू की है।
SSC MTS Exam 2025 के आंकड़े बताते हैं कि लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन तो किया, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ उम्मीदवारों की बदलती प्राथमिकताएं भी सामने आती हैं। अब अभ्यर्थियों की नजर रिजल्ट और अगली चयन प्रक्रिया पर रहेगी।
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