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यूपी के 330 सहायता प्राप्त कॉलेजों में 1600 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की तैयारी पूरी हो गई है। जानें UPESSC भर्ती, रिक्त पदों, विज्ञापन और चयन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी।

उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1600 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। उच्च शिक्षा निदेशालय को विभिन्न महाविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हो गई है और इन पदों का विवरण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अब पदों का अंतिम मिलान करने के बाद जल्द ही चयन आयोग को अंतिम सूचना भेजी जाएगी।
पहले प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में करीब 1150 रिक्त पदों पर भर्ती की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन हाल के दिनों में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से रिक्तियों की जानकारी समय पर भेजने को लेकर सख्ती बढ़ाई गई। इसके बाद कई महाविद्यालयों के प्रबंधन ने अतिरिक्त रिक्त पदों का अधियाचन भेजा, जिससे कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 1600 से अधिक पहुंच गई है।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा के अनुसार विभिन्न महाविद्यालयों से प्राप्त रिक्त पदों की जानकारी चयन आयोग के पोर्टल पर लगातार अपलोड की जा रही है। विज्ञापन संख्या 51 के पदों के साथ इन रिक्तियों का मिलान करने के बाद अंतिम विवरण चयन आयोग को भेज दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2022 में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इनमें बीएड विषय के 109 पदों को छोड़कर शेष 910 पदों के लिए लिखित पुनर्परीक्षा 18 और 19 अप्रैल को आयोजित की जा चुकी है। ऐसे में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से उच्च शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा अवसर मिलने की उम्मीद है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के साथ-साथ सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्राचार्य के रिक्त पदों की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से अब तक 111 प्राचार्य पदों का अधियाचन चयन आयोग के पोर्टल पर भेजा जा चुका है। हालांकि कई महाविद्यालयों ने अभी तक अपने यहां रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों से रिक्त पदों के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राचार्य पदों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे आने वाले समय में उच्च शिक्षा संस्थानों में बड़े स्तर पर भर्ती की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
प्रदेश में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाए जा रहे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में भी शिक्षकों के पद सृजित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाई के लिए आवश्यक शिक्षकों की संख्या का प्रस्ताव मांगा है।
इन विद्यालयों में प्रत्येक सेक्शन के लिए दो-दो शिक्षकों की तैनाती की योजना है। प्रदेश में कुल 150 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय प्रस्तावित हैं। इनमें से 126 विद्यालयों के निर्माण के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है, जबकि 86 विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन विद्यालयों में विज्ञान, गणित, वाणिज्य और कला वर्ग की पढ़ाई के साथ स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स लैब, भाषा प्रयोगशाला तथा कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इन विद्यालयों में यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम के साथ अंग्रेजी माध्यम से भी शिक्षा देने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक विद्यालय में करीब 1500 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1600 से अधिक पदों पर प्रस्तावित भर्ती और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में बढ़ती रिक्तियों ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में रोजगार की नई उम्मीदें पैदा कर दी हैं। अब अभ्यर्थियों की नजर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन पर टिकी हुई है, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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