यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2026 में 2107 पदों पर भर्ती से पहले समकक्ष योग्यता तय होगी। बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति गठित, 15 कार्यदिवस में देगी रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों यानी एडेड डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 खाली पदों पर भर्ती से पहले जरूरी योग्यता को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले अलग-अलग विषयों और उपाधियों की शैक्षणिक एवं विशेष अर्हता की समकक्षता को स्पष्ट किया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सभी विषयों और उपाधियों की शैक्षणिक व विशेष अर्हता की समकक्षता स्पष्ट करने के लिए समिति गठित करने की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य यह साफ करना है कि किन शैक्षणिक योग्यताओं को निर्धारित अर्हता के समकक्ष माना जाएगा।
दरअसल, असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने से पहले योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी माना गया है। समकक्ष अर्हता पहले से स्पष्ट होने पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के बीच योग्यता को लेकर भ्रम कम हो सकेगा।
उच्च शिक्षा अनुभाग के उपसचिव संजय कुमार द्विवेदी की ओर से 4 अगस्त को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह करेंगे। समिति में उच्च शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और लखनऊ विश्वविद्यालय से नामित अधिकारियों को शामिल किया गया है।
समिति के सदस्य सचिव के रूप में उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा नामित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी समिति के सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव द्वारा नामित अधिकारी और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा नामित अधिकारी भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
गठित समिति को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 15 कार्यदिवस का समय दिया गया है। समिति को सभी विषयों और उपाधियों से जुड़ी शैक्षणिक एवं विशेष अर्हता की समकक्षता का अध्ययन करके स्पष्ट संस्तुतियों के साथ पूरा प्रस्ताव प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को सौंपना है।
इस रिपोर्ट के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में समकक्ष योग्यता को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद योग्यता को लेकर उठने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
समकक्ष अर्हता को लेकर यह कदम कार्मिक विभाग के पुराने निर्देशों के तहत उठाया गया है। कार्मिक विभाग ने 7 अक्टूबर 2021 को निर्देश जारी किए थे कि जहां सेवा या भर्ती नियमों में निर्धारित अर्हता के साथ समकक्ष अर्हता का उल्लेख हो, वहां चयन प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही समकक्षता को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
निर्देशों में यह भी कहा गया था कि पदों का अधियाचन चयन एजेंसियों को भेजने से पहले समकक्ष अर्हता स्पष्ट होनी चाहिए। इसके बाद ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी व्यवस्था के तहत भर्ती विज्ञापन में भी समकक्ष अर्हता का स्पष्ट उल्लेख किए जाने की अपेक्षा की गई थी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों का विज्ञापन जारी करने से पहले शासन से समकक्ष अर्हता को स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। अब पांच सदस्यीय समिति इस मामले में अपनी संस्तुतियां देगी।
समिति की रिपोर्ट आने के बाद 2107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा। ऐसे में भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की नजर अब समिति की रिपोर्ट पर रहेगी। समकक्ष अर्हता स्पष्ट होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में शैक्षणिक योग्यता सबसे महत्वपूर्ण पात्रता में से एक होती है। अलग-अलग विषयों और उपाधियों की समकक्षता स्पष्ट नहीं होने पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान योग्यता को लेकर सवाल उठ सकते हैं। इसी वजह से भर्ती शुरू होने से पहले समकक्ष अर्हता को स्पष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
2107 पदों पर प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब योग्यता से जुड़े इस पहलू पर उच्च स्तरीय समिति विचार करेगी। समिति की संस्तुतियों के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
अब समिति सभी संबंधित विषयों और उपाधियों की शैक्षणिक एवं विशेष अर्हता की समकक्षता पर विचार करेगी। इसके बाद 15 कार्यदिवस के भीतर अपनी स्पष्ट संस्तुतियों के साथ प्रस्ताव प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद 2107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
इस तरह फिलहाल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले सबसे अहम काम योग्यता की समकक्षता को स्पष्ट करना है। पांच सदस्यीय समिति के गठन के बाद अब अभ्यर्थियों को समिति की रिपोर्ट और इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है।
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