यूपी डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर में फेल 81,874 प्रशिक्षुओं के लिए स्पेशल बैक पेपर परीक्षा होगी। स्क्रूटनी के बाद ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे।

यूपी डीएलएड यानी बीटीसी के 81,874 फेल प्रशिक्षुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण प्रशिक्षुओं के लिए स्पेशल बैक पेपर परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से इस संबंध में सूचना जारी की गई है। इससे उन प्रशिक्षुओं को एक और मौका मिलेगा, जो चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में सफल नहीं हो सके हैं।
बैक पेपर परीक्षा की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षुओं की मांग थी कि उन्हें बैक पेपर का मौका दिया जाए, ताकि वे आगे होने वाली सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
घंटों चले प्रदर्शन के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर स्पेशल बैक पेपर से जुड़ी सूचना अपलोड की गई। सचिव राजेन्द्र प्रताप के अनुसार, 31 जुलाई को यूपी डीएलएड का चतुर्थ सेमेस्टर परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद वर्तमान में सन्निरीक्षा यानी स्क्रूटनी की प्रक्रिया चल रही है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी के अनुसार स्क्रूटनी का परिणाम घोषित होने के बाद आगामी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा को ध्यान में रखते हुए डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों के लिए चतुर्थ सेमेस्टर आंशिक या बैक पेपर परीक्षा कराई जाएगी। इसके लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे।
31 जुलाई को जारी यूपी डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर के परिणाम में अलग-अलग बैच के हजारों प्रशिक्षु फेल हुए थे। डीएलएड 2023 बैच में सबसे ज्यादा 73,883 प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण हुए हैं। इसके अलावा 2022 बैच के 5,182, 2021 बैच के 2,996, 2019 बैच के 63 और 2018 बैच के 50 प्रशिक्षु फेल हुए थे।
इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कुल 81,874 प्रशिक्षु चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए थे। अब बैक पेपर परीक्षा का मौका मिलने से इन प्रशिक्षुओं को अपनी पढ़ाई और डीएलएड योग्यता पूरी करने का एक और अवसर मिल सकेगा।
प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षुओं का कहना था कि करीब आठ साल बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती आने वाली है। ऐसे में चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने वाले हजारों प्रशिक्षुओं के सामने भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की चिंता थी। प्रशिक्षुओं ने इसी वजह से स्पेशल बैक पेपर परीक्षा कराने की मांग उठाई थी।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना के बाद इन प्रशिक्षुओं को राहत मिली है। हालांकि बैक पेपर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया स्क्रूटनी का परिणाम घोषित होने के बाद शुरू की जाएगी।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव राजेन्द्र प्रताप के अनुसार, अभी चतुर्थ सेमेस्टर के परिणाम की सन्निरीक्षा की कार्रवाई चल रही है। सन्निरीक्षा का परिणाम आने के बाद अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों से चतुर्थ सेमेस्टर आंशिक या बैक पेपर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे।
इसलिए फिलहाल प्रशिक्षुओं को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करना होगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से आवेदन से संबंधित जानकारी जारी किए जाने के बाद ही अभ्यर्थी बैक पेपर परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसी बीच यूपी डीएलएड 2026 सत्र में प्रवेश के लिए दूसरे राउंड का ऑनलाइन कॉलेज आवंटन भी बुधवार को जारी कर दिया गया। दूसरे राउंड में 20,001 से 80,000 रैंक वाले अभ्यर्थियों के साथ पहले राउंड में छूटे 1 से 20 हजार रैंक तक के अभ्यर्थियों को संस्था का विकल्प भरने का मौका दिया गया था।
14 से 18 अगस्त तक संस्था का विकल्प भरने वाले अभ्यर्थियों में से मेरिट और विकल्प के आधार पर कुल 18,093 अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किया गया। पहले राउंड में 1 से 20 हजार रैंक वाले कुल 5,825 अभ्यर्थियों ने संस्था का विकल्प दिया था। इनमें से 5,810 अभ्यर्थियों को सीट आवंटित की गई थी।
यूपी डीएलएड की कुल 2,24,425 सीटों में से अब तक डायट की 6,083 और प्राइवेट कॉलेजों की 17,820 सीटें आवंटित की जा चुकी हैं। इस तरह यूपी डीएलएड प्रवेश प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है और दूसरी ओर चतुर्थ सेमेस्टर में फेल हुए प्रशिक्षुओं के लिए बैक पेपर की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
यूपी डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर में फेल हुए 81,874 प्रशिक्षुओं के लिए अब अगला महत्वपूर्ण चरण स्क्रूटनी का परिणाम और उसके बाद बैक पेपर परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया होगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्क्रूटनी का परिणाम घोषित होने के बाद अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों से आंशिक या बैक पेपर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरवाए जाएंगे। ऐसे में संबंधित प्रशिक्षुओं को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
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