विज्ञापन
यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा में बरेली से हाईटेक चीटिंग का मामला सामने आया। बायोमेट्रिक जांच में फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की।

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक चीटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। बरेली में आयोजित परीक्षा के दौरान एक युवक दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। शुरुआत में वह सामान्य परीक्षार्थी की तरह परीक्षा केंद्र में मौजूद था, लेकिन बायोमेट्रिक जांच के दौरान उसकी पहचान पर संदेह हुआ। इसके बाद जब अधिकारियों ने जांच की तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 25, 26 और 27 अप्रैल को दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की जा रही थी। रविवार को पहले शिफ्ट के दौरान परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जा रहा था। इसी दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान मेल नहीं खाई। अधिकारियों को शक होने पर उससे पूछताछ की गई।
पूछताछ में युवक की असली पहचान सामने आई। आरोपी का नाम अनुराग बताया गया है, जिसकी उम्र 27 वर्ष है और वह हरदोई जिले का रहने वाला है। जांच में पता चला कि वह असली उम्मीदवार नहीं था, बल्कि किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने आया था।
जांच एजेंसियों को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि आरोपी पहली बार इस तरह की हरकत नहीं कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, एक दिन पहले भी वह बरेली के ही दूसरे परीक्षा केंद्र पर गया था और पहले शिफ्ट में परीक्षा दी थी। वहां वह धर्मेंद्र सिंह नाम के अभ्यर्थी की जगह पेपर देने पहुंचा था।
लगातार दो दिन तक अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर इस तरह फर्जी तरीके से परीक्षा देना यह दिखाता है कि मामला पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
इस मामले में परीक्षा केंद्र प्रभारी की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत के आधार पर बरेली के कोतवाली थाना में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
इसके साथ ही सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और अनियमितता रोकने के लिए बने पब्लिक एग्जामिनेशन अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन एक्ट 2024 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
संभावना जताई जा रही है कि यह किसी ऐसे गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो पैसे लेकर दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देता है। पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, बायोमेट्रिक जांच की वजह से आरोपी पकड़ा गया, जिससे यह साफ है कि तकनीक की मदद से परीक्षा में होने वाली धांधली पर रोक लगाई जा सकती है। अब देखना होगा कि जांच में आगे और कौन से बड़े खुलासे होते हैं।
विज्ञापन