UP Police SI भर्ती 2025 में नियुक्ति पत्र जारी करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उत्तर कुंजी विवाद पर 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड की ओर से विज्ञापित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती 2025 के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है। नियुक्ति पत्र जारी होने से पहले कोर्ट की ओर से लगाई गई इस रोक से भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में आ गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे के साथ अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र ने पक्ष रखा।
अधिवक्ता संजय कुमार यादव के मुताबिक, उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। कुल 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे। भर्ती की लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को आयोजित की गई थी। परीक्षा दो-दो पालियों में हुई थी और इसमें करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
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अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने बताया कि भर्ती बोर्ड की ओर से लिखित परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी 23 मार्च को जारी की गई थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को अपने स्तर पर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिला था। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी किया गया और इसी दिन फाइनल उत्तर कुंजी भी जारी की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रोविजनल और फाइनल उत्तर कुंजी के बीच कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि इन बदलावों का सीधा असर परीक्षा के अंकों पर पड़ा।
याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि लिखित परीक्षा में एक प्रश्न 2.5 अंक का था। ऐसे में उत्तर में बदलाव होने से कुछ अभ्यर्थियों के अंकों पर असर पड़ा और कुछ अभ्यर्थी कम अंतर से सफल नहीं हो सके। अधिवक्ता के अनुसार, कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी थे जो लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया में शामिल हुए, लेकिन 14 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में कुछ अभ्यर्थी एक या दो नंबर के अंतर से चयन से बाहर हो गए। अभ्यर्थियों की ओर से बदले गए प्रश्नों और उत्तरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनकी आपत्तियों पर भर्ती बोर्ड की ओर से विचार नहीं किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
UP Police SI भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी किया गया था। इस परिणाम में 12,733 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी और 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया गया। अंतिम परिणाम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली थी। इसी बीच उत्तर कुंजी में बदलाव और उससे प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिकाओं का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया।
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UP Police SI भर्ती 2025 के अंतिम परिणाम के बाद नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी चल रही थी। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों की नजर कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लग गई है।
UP Police SI भर्ती 2025 से जुड़े इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। याचिकाओं में उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव और उसके कारण अभ्यर्थियों के परिणाम पर पड़े असर को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब अगली सुनवाई में इस मामले पर कोर्ट के सामने क्या पक्ष रखा जाता है और आगे क्या आदेश आता है, इस पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी। फिलहाल कोर्ट की ओर से नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाए जाने के बाद UP Police SI भर्ती 2025 की प्रक्रिया में नया मोड़ आ गया है।
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