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यूपी शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों का आंकड़ा सत्यापन के बाद 24 हजार के करीब पहुंच गया है। जानिए UPESSC भर्ती, रिक्तियों की संख्या और ताजा अपडेट।

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे सत्यापन के दौरान नई रिक्तियां सामने आने के बाद अब रिक्त पदों का आंकड़ा लगभग 24 हजार तक पहुंच गया है। इससे आने वाले समय में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सत्यापन के बाद बढ़ी रिक्त पदों की संख्या
प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों का सत्यापन किया जा रहा है। एक महीने पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को कुल 23213 रिक्त पदों की सूचना भेजी थी। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक और संबद्ध प्राइमरी के सहायक अध्यापकों के पद शामिल थे।
हालांकि, बाद में यह सामने आया कि कई विद्यालयों के प्रबंधकों ने सभी रिक्त पदों की जानकारी विभाग को नहीं भेजी थी। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने जिला विद्यालय निरीक्षकों के माध्यम से दोबारा सत्यापन कराया। नए सत्यापन में रिक्त पदों की संख्या बढ़कर 23798 तक पहुंच गई है। विभाग की ओर से चयन आयोग के पोर्टल पर रिक्तियों का विवरण अपलोड किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक यह संख्या और बढ़ सकती है।
प्रदेश के 319 अशासकीय सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी अभी अलग से भेजी जाएगी। पहले इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रबंधतंत्र के स्तर पर होती थी। वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने इन संस्थानों में शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद यह मामला अदालतों तक पहुंचा।
अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय तक कानूनी विवाद चलता रहा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक संस्थाओं की नियमावली में बदलाव किए बिना चयन आयोग के माध्यम से योग्य शिक्षकों की भर्ती की जा सकती है। इसके बाद इन विद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी भी अलग से एकत्र की जा रही है।
इधर, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पुरानी नियमावली के आधार पर शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर युवा मंच का धरना पांच दिनों तक चला। संगठन के पदाधिकारियों ने विभिन्न भर्ती संबंधी मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखा। उनका कहना है कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है।
युवा मंच ने प्रवक्ता पदों में बिना बीएड डिग्रीधारकों को शामिल करने, प्राविधिक कला की योग्यता को फिर से नियमावली में जोड़ने, संगीत, हिंदी और अंग्रेजी विषयों से जुड़े विवादों को समाप्त करने तथा कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती शुरू करने की मांग उठाई है। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल धरना स्थगित कर दिया गया है।
सत्यापन के दौरान रिक्त पदों की संख्या बढ़ने से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। शिक्षा विभाग की ओर से रिक्तियों का अंतिम आंकड़ा तैयार किया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि रिक्त पदों का पूरा ब्योरा उपलब्ध होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
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