यूपीईएसएससी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बड़ा अपडेट। 910 पदों के लिए 4 साल से चल रही भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिए गए हैं। जानिए पूरा मामला, भर्ती पर क्या असर पड़ेगा और अगली सुनवाई कब होगी।

उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 22 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित सभी इंटरव्यू तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिए हैं। इस फैसले के बाद चार साल से भर्ती पूरी होने का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। खास बात यह है कि वर्ष 2022 में शुरू हुई इस भर्ती में अब तक दो बार लिखित परीक्षा हो चुकी है और दो बार परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने वर्ष 2022 में विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि भर्ती की प्रक्रिया लगातार विवादों और कानूनी मामलों में उलझती रही। पहले आयोजित लिखित परीक्षा को अनियमितताओं के आरोपों के चलते निरस्त कर दिया गया। इसके बाद दोबारा परीक्षा कराई गई और उसका परिणाम भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार बना हुआ है।
चयन आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में सोमवार को पारित आदेश की जानकारी आयोग को मंगलवार को मिली। इसके बाद आयोग ने 22 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित इंटरव्यू कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया। आयोग के उपसचिव और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. संजय सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरव्यू की नई तिथियां और आगे के निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर बाद में जारी किए जाएंगे।
मंगलवार सुबह इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही 100 से अधिक अभ्यर्थी चयन आयोग के कार्यालय पहुंच चुके थे। हालांकि आयोग के अधिकारियों ने वहां पहुंचकर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू स्थगित होने की जानकारी दी और वापस लौटने का अनुरोध किया। इसके बाद जो अभ्यर्थी आयोग पहुंचे, उन्हें भी सुरक्षाकर्मियों ने इंटरव्यू स्थगित होने की सूचना देकर वापस भेज दिया।
इस भर्ती को लेकर पहले आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने परीक्षा को निरस्त कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने केवल पांच विषयों उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान की पुनर्परीक्षा कराने का आदेश दिया था। हालांकि इस आदेश के खिलाफ आयोग और कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही रोक लगा दी थी। इसके बाद आयोग ने दोबारा लिखित परीक्षा कराई, परिणाम घोषित किया और इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी। लेकिन मंगलवार को हुई सुनवाई में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और एस चंद्रशेखर की पीठ ने 25 मई 2026 के अंतरिम आदेश को प्रभावी बताते हुए मामले में सक्षम प्राधिकारों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। इसी आदेश के बाद चयन आयोग ने इंटरव्यू स्थगित कर दिए।
फिलहाल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के कारण फिर से रुक गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इंटरव्यू की नई तिथियों की घोषणा बाद में अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 7 सितंबर को निर्धारित है। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की नजर अदालत की अगली सुनवाई और उसके बाद आने वाले फैसले पर टिकी हुई है। चार साल से लंबित इस भर्ती प्रक्रिया का भविष्य फिलहाल न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता दिखाई दे रहा है।
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