उत्तर प्रदेश में 1475 प्रधानाचार्य और 1172 प्रधानाध्यापक पदों पर भर्ती की तैयारी है। 28 साल बाद TGT और पहली बार प्राइवेट स्कूल शिक्षकों को मौका देने का प्रस्ताव है।

उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 28 साल बाद प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी TGT को भी प्रधानाचार्य भर्ती में मौका देने की तैयारी है। इसके साथ ही पहली बार प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में अवसर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नियमों में संशोधन होने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से भर्ती का विज्ञापन जारी किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पदों पर भर्ती का इंतजार है। अब प्रस्तावित नियम संशोधन के बाद इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद के लिए प्रवक्ता और हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी TGT को भी पात्र बनाने की तैयारी है।
TGT शिक्षकों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 1998 तक वे प्रधानाचार्य भर्ती के लिए पात्र थे। लेकिन 1998 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की नियमावली में संशोधन के बाद TGT शिक्षकों को प्रधानाचार्य भर्ती की पात्रता से बाहर कर दिया गया था। अब करीब 28 साल बाद उन्हें दोबारा इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 रिक्त पदों और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को भेजी गई है। इन पदों पर भर्ती शुरू करने से पहले नियमावली में जरूरी बदलाव किया जाना है। इसी को देखते हुए चयन आयोग ने शासन से नियमों में आवश्यक संशोधन करने का अनुरोध किया है।
यदि प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी मिलती है तो इन रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता आगे बढ़ सकता है। फिलहाल नियमों में संशोधन और उसके बाद भर्ती विज्ञापन जारी होने की प्रक्रिया का इंतजार है।
प्रस्तावित बदलाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक हैं। अभी तक प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में केंद्र और राज्य सरकार के साथ सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को ही पात्र माना जाता था। अब पहली बार प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में अवसर देने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए भी नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नियमों में संशोधन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए पात्रता की अंतिम शर्तें क्या होंगी।
हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद की भर्ती में भी पात्रता का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत TGT और जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के अलावा प्रवक्ता को भी प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए मान्य करने की तैयारी है।
इस बदलाव से हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के पद के लिए उपलब्ध पात्र शिक्षकों का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित बदलाव है और अंतिम पात्रता नियमावली में संशोधन के बाद ही तय होगी।
सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद लंबे समय से खाली हैं। दी गई जानकारी के अनुसार एडेड कॉलेजों में वर्ष 2013 के बाद से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में प्रस्तावित भर्ती को लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब शिक्षा विभाग की ओर से नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि भर्ती का विज्ञापन नियमावली में संशोधन के बाद ही जारी किया जाएगा।
प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि पात्र अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के दोनों चरणों में शामिल होना होगा। भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम और पात्रता की अंतिम शर्तें चयन आयोग की ओर से विज्ञापन जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी।
इस समय सबसे अहम बात यह है कि नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती विज्ञापन जारी कर सकता है। इसलिए TGT, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की नजर अब नियमावली में होने वाले बदलाव और आगामी भर्ती विज्ञापन पर रहेगी।
अभी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित नियम संशोधन के चरण में है। शिक्षा निदेशालय ने रिक्त पदों की जानकारी चयन आयोग को भेज दी है और नियमों में बदलाव का प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। नियमों में संशोधन के बाद ही भर्ती की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस भर्ती में सबसे बड़ा बदलाव TGT शिक्षकों को फिर से प्रधानाचार्य पद के लिए अवसर देने और प्राइवेट स्कूल शिक्षकों को भी भर्ती के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। यदि नियमों में प्रस्तावित बदलाव लागू होता है तो लंबे समय बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों के लिए प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक बनने का अवसर खुल सकता है।
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