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UPPSC APO Mains 2025 से पहले 82 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। जानिए आवेदन रद्द होने की वजहें, आयोग द्वारा दिया गया अंतिम अवसर और परीक्षा की पूरी तारीख व शेड्यूल।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) मुख्य परीक्षा 2025 से पहले बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच पूरी करने के बाद 82 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इन अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
आयोग के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है, जो मुख्य परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। आवेदन निरस्त होने के पीछे कई अलग-अलग कारण सामने आए हैं, जिनमें आवेदन पत्र समय पर जमा न करना, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराना और आरक्षण संबंधी दावों का सत्यापन न होना प्रमुख हैं।
आयोग की जांच में पाया गया कि सबसे अधिक 58 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा का आवेदन पत्र निर्धारित समय सीमा तक आयोग कार्यालय में जमा नहीं किया या फिर आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी न होने की स्थिति में ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इसके अलावा पांच अभ्यर्थियों ने केवल अपने प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज आयोग को भेजे, लेकिन मुख्य परीक्षा का आवेदन पत्र जमा नहीं किया। इस कारण उनके आवेदन भी अमान्य घोषित कर दिए गए।
आवेदन पत्रों की जांच के दौरान दो अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन में दर्ज जन्मतिथि और हाईस्कूल प्रमाणपत्र में अंकित जन्मतिथि में अंतर पाया गया। दस्तावेजों में असंगति मिलने के कारण आयोग ने उनके आवेदन निरस्त कर दिए।
वहीं 13 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित (डीएफएफ) श्रेणी का दावा किया था, लेकिन उसके समर्थन में आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। ऐसे सभी अभ्यर्थियों के आवेदन भी आयोग द्वारा रद्द कर दिए गए।
आयोग ने दिव्यांग आरक्षण से जुड़े मामलों में भी सख्ती दिखाई है। एक अभ्यर्थी का आवेदन वैध दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रस्तुत न करने के कारण निरस्त किया गया। इसके अलावा दो अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश का मूल निवासी न होने के बावजूद दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था, जिसके चलते उन्हें अयोग्य घोषित किया गया।
एक अन्य अभ्यर्थी का आवेदन दिव्यांगता की उपश्रेणी से संबंधित गलत दावा करने के कारण निरस्त किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण का लाभ केवल नियमों के अनुरूप पात्र अभ्यर्थियों को ही दिया जाएगा।
आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त किए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि कोई अभ्यर्थी आयोग के निर्णय के विरुद्ध कोई आपत्ति या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह 17 जून 2025 को शाम 5 बजे तक अपना प्रत्यावेदन सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के समक्ष जमा कर सकता है।
अभ्यर्थी अपना प्रत्यावेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं या स्वयं आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर भी जमा कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद प्राप्त किसी भी प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा 2025 का आयोजन 28 जून से 30 जून 2025 तक किया जाएगा। परीक्षा के पहले दिन 28 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य हिंदी विषय का प्रश्नपत्र आयोजित होगा। इसी दिन दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक सामान्य अंग्रेजी की परीक्षा होगी।
29 जून को सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य ज्ञान का प्रश्नपत्र आयोजित किया जाएगा। वहीं दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक क्रिमिनल लॉ एंड प्रोसीजर विषय की परीक्षा होगी। आयोग ने परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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