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UPPSC PCS 2026 और RO ARO भर्ती का नोटिफिकेशन CM Fellowship नियमों में बदलाव के कारण अटक गया है। जानिए भर्ती में देरी की वजह, नए नियम और विज्ञापन जारी होने को लेकर ताजा अपडेट।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की सबसे चर्चित सरकारी भर्तियों में शामिल यूपी पीसीएस 2026 और समीक्षा अधिकारी तथा सहायक समीक्षा अधिकारी यानी RO ARO भर्ती इस समय नियमों में बदलाव के कारण अटक गई है। हर साल जनवरी या फरवरी तक जारी होने वाला भर्ती विज्ञापन इस बार मई का आधा महीना बीत जाने के बाद भी जारी नहीं हो सका है। इससे प्रतियोगी छात्रों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी के अनुसार, भर्ती विज्ञापनों को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उम्मीद की जा रही है कि मई 2026 के अंत तक इन भर्तियों के विज्ञापन जारी होने शुरू हो जाएंगे। हालांकि, भर्ती नियमों में संशोधन और सीएम फेलोशिप योजना से जुड़े नए प्रावधानों ने पूरी प्रक्रिया को उलझा दिया है।
दरअसल, 29 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया गया था। सरकार ने तय किया कि मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना में काम कर चुके युवाओं को सरकारी भर्तियों में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। इस फैसले का गजट भी जनवरी के अंत में जारी कर दिया गया था।
इसी नए नियम को लागू करने को लेकर शासन और लोक सेवा आयोग के बीच स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। यही वजह है कि कई बड़ी भर्तियों के विज्ञापन फिलहाल रोक दिए गए हैं। आयोग अब शासन से स्पष्ट दिशा निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है।
सबसे बड़ा पेंच मुख्य परीक्षा को लेकर सामने आया है। शासन के आदेश के अनुसार, सीएम फेलोशिप का लाभ मुख्य परीक्षा में दिया जाना है। लेकिन समस्या यह है कि लोक सेवा आयोग की कई सीधी भर्तियों में मुख्य परीक्षा का प्रावधान ही नहीं होता। कुछ भर्तियां केवल इंटरव्यू या एकल परीक्षा के आधार पर पूरी की जाती हैं।
ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जिन भर्तियों में मुख्य परीक्षा नहीं होगी, वहां फेलोशिप धारकों को वेटेज और आयु सीमा में छूट किस तरह दी जाएगी। इसी विषय पर आयोग ने शासन से विस्तृत मार्गदर्शन मांगा है।
भर्ती प्रक्रिया में एक और समस्या सीएम फेलोशिप से जुड़े सर्टिफिकेट को लेकर सामने आई है। अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए जाने वाले प्रमाण पत्र की भाषा और फॉर्मेट को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। जब तक इस पर सहमति नहीं बनती, तब तक भर्ती विज्ञापन जारी होने में देरी बनी रह सकती है।
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल उन युवाओं को लेकर भी है जिन्होंने उत्तर प्रदेश के बाहर रहते हुए सीएम फेलोशिप योजना में काम किया है। आयोग यह जानना चाहता है कि क्या ऐसे अभ्यर्थियों को भी भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त वेटेज का लाभ मिलेगा या नहीं। इस संबंध में आयोग ने शासन से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
नियमों में बदलाव का सबसे बड़ा असर यूपी पीसीएस 2026 भर्ती पर पड़ा है। यह भर्ती लगभग तीन महीने की देरी से चल रही है। हर साल की तुलना में इस बार भर्ती प्रक्रिया काफी पीछे चल रही है, जिससे लाखों प्रतियोगी छात्रों का इंतजार बढ़ गया है।
इसी तरह RO ARO भर्ती भी फिलहाल अटकी हुई है। आयोग को उत्तर प्रदेश सचिवालय से समीक्षा अधिकारी के 92 पद और सहायक समीक्षा अधिकारी के 267 पदों सहित कुल 359 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इसके अलावा राजस्व परिषद से भी RO ARO के 69 पदों का प्रस्ताव आयोग को प्राप्त हो चुका है।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2023 में RO ARO भर्ती के लिए 419 पदों पर विज्ञापन जारी किया गया था। उस भर्ती में आयोग के इतिहास में सबसे अधिक 10 लाख 76 हजार 4 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। यही कारण है कि इस बार की भर्ती को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच भारी उत्साह बना हुआ है।
अब सभी उम्मीदवारों की नजर शासन और आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई है। यदि नियमों से जुड़ी स्थिति जल्द स्पष्ट हो जाती है, तो मई के अंत तक यूपी पीसीएस 2026 और RO ARO भर्ती का इंतजार खत्म हो सकता है।
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