UPSC CSE 2026 के लिए 933 पदों का सर्विस-वाइज वैकेंसी ब्रेकअप जारी हो गया है। जानें IAS, IPS, IFS सहित सभी सेवाओं में कितनी सीटें हैं, कैटेगरी वाइज पदों का पूरा विवरण और परीक्षा से जुड़े नए नियम।

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार के कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए संभावित वैकेंसी का सर्विस वाइज ब्रेकअप जारी कर दिया है। इस परीक्षा के जरिए कुल 933 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय विदेश सेवा सहित कई केंद्रीय सेवाओं में अधिकारियों का चयन किया जाएगा।
इस बार भी सबसे ज्यादा ध्यान भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा की सीटों पर है। जारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा में 180 पद भरे जाएंगे, जबकि भारतीय पुलिस सेवा के लिए 150 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं भारतीय विदेश सेवा में 40 पदों पर भर्ती की जाएगी।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2026 का प्रारंभिक परीक्षा चरण 24 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 तक पूरी की गई थी।
सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए इस बार 180 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें 72 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं। इसके अलावा 27 पद अनुसूचित जाति, 14 पद अनुसूचित जनजाति, 49 पद अन्य पिछड़ा वर्ग और 18 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
भारतीय पुलिस सेवा के लिए कुल 150 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें 62 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं। इसके अलावा 19 पद अनुसूचित जाति, 17 पद अनुसूचित जनजाति, 37 पद अन्य पिछड़ा वर्ग और 15 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
भारतीय विदेश सेवा के तहत इस बार 40 पद भरे जाएंगे। इनमें 16 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं, जबकि 6 पद अनुसूचित जाति, 3 पद अनुसूचित जनजाति, 11 पद अन्य पिछड़ा वर्ग और 4 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
सिविल सेवा परीक्षा के जरिए कई अन्य केंद्रीय सेवाओं में भी भर्ती की जाएगी। इनमें भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा सेवा, भारतीय रक्षा लेखा सेवा और भारतीय सूचना सेवा जैसी सेवाएं शामिल हैं।
कुछ प्रमुख सेवाओं में पदों की संख्या इस प्रकार है:
इसके अलावा कई अन्य सेवाओं में भी अलग अलग संख्या में पद भरे जाएंगे।
जारी किए गए वैकेंसी ब्रेकअप के अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए कुल पदों का वितरण भी तय किया गया है। कुल 933 पदों में से सबसे ज्यादा पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं।
कैटेगरी वाइज कुल पद इस प्रकार हैं:
इसके अलावा दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कुल 33 पद आरक्षित रखे गए हैं।
सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसमें चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है।
सबसे पहले उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होना होता है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। मुख्य परीक्षा में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को इंटरव्यू या पर्सनैलिटी टेस्ट के लिए बुलाया जाता है।
मुख्य परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है जबकि इंटरव्यू 275 अंकों का होता है। अंतिम मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है।
सिविल सेवा परीक्षा 2026 से कुछ महत्वपूर्ण नए नियम भी लागू किए गए हैं जिनका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
अब सिविल सेवा सहित UPSC की सभी भर्ती परीक्षाओं में उम्मीदवारों की पहचान के लिए फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यह सिस्टम परीक्षा केंद्रों पर फर्जी उम्मीदवारों और डमी कैंडिडेट्स को पकड़ने में मदद करेगा। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है।
UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा भी कम कर दी है। पहले उम्मीदवारों को सात दिन का समय मिलता था, लेकिन अब यह अवधि घटाकर पांच दिन कर दी गई है।
इस बार से दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। पहले ऐसा नहीं था, लेकिन अब हर दिव्यांग उम्मीदवार को उसके द्वारा चुना गया केंद्र ही दिया जाएगा।
UPSC ने सेवा में रहते हुए बार बार परीक्षा देने के नियमों में भी बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई उम्मीदवार पहले से भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय विदेश सेवा में कार्यरत है तो वह सिविल सेवा परीक्षा 2026 में शामिल नहीं हो सकेगा।
इसके अलावा IPS या किसी अन्य केंद्रीय ग्रुप ए सेवा में चयनित उम्मीदवारों को रैंक सुधार के लिए एक बार का अवसर दिया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2027 में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण में शामिल होने से एक बार की छूट लेनी होगी।
इन नए नियमों का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना और बार बार परीक्षा देने की प्रवृत्ति को नियंत्रित करना है।