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यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा 2026 में सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच महिलाओं के जूड़े खुलवाए गए और चूड़ियां उतरवाई गईं। जानिए कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, कितने रहे अनुपस्थित और परीक्षा केंद्रों का पूरा हाल।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा पूरे प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई, जिसके चलते कई महिला अभ्यर्थियों को एंट्री से पहले अपने जूड़े खुलवाने पड़े और चूड़ियां, कड़े, कानों के कुंडल तक उतरवाने पड़े। कई केंद्रों पर पानी की बोतलों के रैपर तक हटवाकर ही अंदर प्रवेश दिया गया।
प्रदेश के 44 जिलों में बनाए गए 861 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित हुई। आयोग के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 3,66,712 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन इनमें से 3,01,756 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। करीब 64,956 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इस तरह पूरे प्रदेश में लगभग 82.3 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
प्रयागराज जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा 34 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। यहां करीब 85 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसीएम द्वितीय ठाकुर प्रसाद सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कहीं से किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।
लेखपाल भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैमरा समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। महिला अभ्यर्थियों की जांच के दौरान उनके जूड़े खुलवाए गए ताकि किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर अंदर न ले जाया जा सके। इसके अलावा चश्मे, चूड़ियां, कड़े और अन्य सामान की भी बारीकी से जांच की गई।
परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिनमें हिंदी, सामान्य ज्ञान, समसामयिकी, गणित और कंप्यूटर आधारित प्रश्न शामिल रहे। हिंदी सेक्शन में मुहावरों के अर्थ से जुड़े सवाल पूछे गए। वहीं समसामयिकी में आईसीसी महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2025 और इंडियन एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 से जुड़े प्रश्न भी शामिल थे।
कई अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित और कंप्यूटर सेक्शन ने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया। वहीं चंद्रभागा नदी और फ्रंटियर गांधी से जुड़े सवालों में भी कई परीक्षार्थी उलझे नजर आए। हालांकि हिंदी और सामान्य ज्ञान का स्तर अपेक्षाकृत आसान बताया गया।
लेखपाल भर्ती परीक्षा के कारण प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर सुबह से भारी भीड़ देखने को मिली। प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज संगम और सूबेदारगंज स्टेशन पर हजारों अभ्यर्थी पहुंचे। ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर इतनी भीड़ रही कि यात्रियों को चढ़ने और उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और बिहार रूट की ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। कई सामान्य कोच पूरी तरह खचाखच भरे रहे। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि ट्रेन में खड़े होने तक की जगह नहीं थी और उन्हें पूरी यात्रा एक पैर पर खड़े होकर करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश में इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 7994 लेखपाल पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इस भर्ती के लिए करीब 13 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि PET 2025 की मेरिट के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए 3.67 लाख अभ्यर्थियों को चुना गया था। आंकड़ों के अनुसार इस भर्ती में एक पद के लिए करीब 46 उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं।
आयोग की ओर से जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा की आंसर की जारी किए जाने की संभावना है।
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