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यूपीटीईटी 2026 में शामिल होने वाले शिक्षकों को विशेष अवकाश मिलने के बाद शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ गई है। जानिए क्या है पूरा मामला, विभाग का फैसला और परीक्षा से जुड़ी सभी अहम तैयारियां।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी 2026 शुरू होने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग के एक फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग ने परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेशभर के करीब 1.85 लाख परिषदीय शिक्षकों को विशेष अवकाश देने की मंजूरी दे दी है, लेकिन इसी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हजारों शिक्षामित्रों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ गई है और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है।
विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेश में केवल परिषदीय शिक्षकों को विशेष अवकाश देने की बात कही गई है। वहीं, शिक्षामित्रों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की तरह ही शिक्षामित्रों को भी यूपीटीईटी 2026 में शामिल होने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी जारी किया है।
शिक्षामित्रों का कहना है कि जब उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है, तो फिर विशेष अवकाश की सुविधा से वंचित रखना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वे भी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं और शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षामित्रों का यह भी कहना है कि पहले भी उन्हें कई मामलों में समान सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। चाहे मानदेय का मामला हो या अवकाश और अन्य सुविधाओं का, उन्हें अक्सर निराशा का सामना करना पड़ा है। दूसरी ओर, जब शिक्षक भर्ती या छात्र शिक्षक अनुपात की बात आती है, तब विभाग शिक्षामित्रों की संख्या को भी शामिल करता है। ऐसे में इस फैसले ने एक बार फिर समान व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिन पहले महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में यूपीटीईटी 2026 के आयोजन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। दो से चार जुलाई तक होने वाली परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सभी 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने सभी जिलों की तैयारियों की समीक्षा की और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। परीक्षा केंद्रों के सभी कमरों और महत्वपूर्ण स्थानों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा गया है। इन कैमरों की निगरानी जिला कंट्रोल रूम के साथ चयन आयोग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड रूम से की जाएगी। आयोग ने सभी परीक्षा केंद्रों की तकनीकी कनेक्टिविटी का परीक्षण भी पूरा कर लिया है।
इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक सदस्य, सेवानिवृत्त आईएएस और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। सभी प्रेक्षकों ने परीक्षा से पहले अपने-अपने जिलों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। शासन के निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
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यूपीटीईटी 2026 के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भी विशेष तैयारियां की हैं। मंडल कार्यालय में वार रूम स्थापित किया गया है, जहां अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।
प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त रेलकर्मियों के साथ आरपीएफ और जीआरपी की भी तैनाती की गई है। वहीं, रोडवेज प्रशासन ने भी अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए मांग के अनुसार अतिरिक्त बसों के संचालन की तैयारी की है, ताकि परीक्षा के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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