Viral WhatsApp Resignation: कर्मचारी और बॉस के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इस पर जमकर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग कर्मचारी के फैसले को सही बता रहे हैं तो कुछ का कहना है कि ऑफिस में बातचीत से मामले को सुलझाया जा सकता था

आज के समय में नौकरी के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। खासकर नई जेनरेशन अब अपनी परेशानी और तनाव को खुलकर सामने रखने लगी है लेकिन कई बार ऑफिस में कर्मचारियों की इन परेशानियों को समझने के बजाय नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जहां छुट्टी न मिलने के बाद एक कर्मचारी ने सीधे WhatsApp पर अपना इस्तीफा भेज दिया। कर्मचारी और बॉस के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इस पर जमकर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग कर्मचारी के फैसले को सही बता रहे हैं तो कुछ का कहना है कि ऑफिस में बातचीत से मामले को सुलझाया जा सकता था।
वायरल हो रही चैट के मुताबिक, कर्मचारी ने अपने बॉस से छुट्टी मांगी थी। उसने बताया कि वह एंग्जायटी महसूस कर रहा है और उस दिन काम करने की स्थिति में नहीं है। कर्मचारी ने अपने बॉस को मैसेज कर कहा कि वह आज ऑफिस नहीं आ पाएगा लेकिन इसके जवाब में बॉस ने उसकी परेशानी को गंभीरता से लेने के बजाय इसे गैर-पेशेवर व्यवहार बताया। यहीं से दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और मामला इतना बढ़ गया कि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल चैट में बॉस कर्मचारी से कहता नजर आ रहा है कि इस तरह छुट्टी लेना सही तरीका नहीं है। बॉस ने इसे अनप्रोफेशनल बताते हुए कहा कि ऑफिस के नियमों का पालन करना जरूरी है। इसके बाद कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने की बात कही। इस पर बॉस ने उसे एक्सपीरियंस लेटर पर असर पड़ने की बात कही लेकिन तब तक कर्मचारी अपना फैसला ले चुका था।
कर्मचारी ने अपने आखिरी मैसेज में लिखा कि शायद उसने अपनी परेशानी के बारे में सच बताकर गलती कर दी। उसने कहा कि वह ऐसी जगह काम नहीं कर सकता जहां कर्मचारियों की परेशानियों को समझने के बजाय उन्हें दबाव में रखा जाता है। उसने यह भी लिखा कि वह आगे से इस कंपनी में काम जारी नहीं रख पाएगा और यह उसका आखिरी कार्य दिवस होगा। कर्मचारी का यह मैसेज सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है और कई लोग उसके फैसले को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़कर देख रहे हैं।
इस पूरे मामले को LinkedIn पर ब्रांडिंग एक्सपर्ट अभिषेक अग्रवाल ने शेयर किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि जेनरेशन Z ऑफिस कल्चर को कई मायनों में बदल रही है। उन्होंने बताया कि आज के युवा सिर्फ नौकरी और सैलरी को महत्व नहीं देते बल्कि वे काम करने के माहौल और मानसिक शांति को भी उतना ही जरूरी मानते हैं। पोस्ट शेयर होने के बाद लोगों ने ऑफिस कल्चर, कर्मचारियों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी-अपनी राय रखनी शुरू कर दी।
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