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उत्तर प्रदेश में कृषि तकनीकी सहायक के 3446 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। जानिए कब शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया, कितने अभ्यर्थियों का चयन हुआ और किसानों को इससे क्या लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में सरकारी रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कृषि विभाग में कृषि तकनीकी सहायक (ग्रुप-सी) के 3446 पदों पर भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा 23 जून को अंतिम परिणाम घोषित किए जाने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
कृषि तकनीकी सहायक पदों के लिए भर्ती परीक्षा 13 जुलाई 2025 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थी लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अब अंतिम परिणाम जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
भर्ती परिणाम घोषित होने के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कृषि निदेशक राज्य के विभिन्न जिलों में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर चयनित उम्मीदवारों की तैनाती करेंगे। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये तकनीकी सहायक प्रदेश के किसानों के बीच कृषि योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने का कार्य करेंगे।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि कुल 3446 चयनित उम्मीदवारों में 1813 अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से हैं। इसके अलावा 629 उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 509 अभ्यर्थी अनुसूचित जाति (एससी), 344 उम्मीदवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 151 अभ्यर्थी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से चयनित हुए हैं।
कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलाख ने भी चयनित उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कृषि विभाग के प्रमुख सचिव इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस भर्ती का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। उनके अनुसार, तकनीकी सहायकों की नियुक्ति से विभाग की जमीनी स्तर पर कार्य करने की क्षमता और अधिक मजबूत होगी। प्रशिक्षित मानव संसाधन बढ़ने से किसानों तक सरकारी योजनाओं, कृषि तकनीकों और विभिन्न सुविधाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में यह भर्ती महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी। साथ ही राज्य सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह कदम सहायक साबित हो सकता है।
कृषि तकनीकी सहायक भर्ती के परिणाम में कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के पूर्व छात्रों का उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिला है। विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले करीब 125 छात्र-छात्राओं का चयन इस भर्ती में हुआ है।
विश्वविद्यालय के निदेशक सेवायोजन डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि चयनित तकनीकी सहायक किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और कृषि उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं में सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वाराणसी के यूपी कॉलेज के कृषि संकाय के कृषि स्नातक पाठ्यक्रम से पढ़ाई पूरी कर चुके 50 से अधिक छात्र-छात्राओं का भी कृषि तकनीकी सहायक पद पर चयन हुआ है। ये छात्र विभिन्न शैक्षणिक सत्रों में कृषि विषय के विद्यार्थी रहे हैं। कॉलेज के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय मानी जा रही है।
कृषि तकनीकी सहायक के 3446 पदों पर भर्ती पूरी होने से जहां हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा, वहीं कृषि विभाग को भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इससे किसानों तक सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। राज्य सरकार की यह पहल रोजगार सृजन और कृषि विकास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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