ग्रेटर नोएडा के नवादा स्थित आर्य समाज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष कार्यक्रम हुआ। वक्ताओं ने श्रीकृष्ण के संदेश से प्रेरणा लेने, युवाओं में संस्कार बढ़ाने और ‘सोया अर्जुन’ जगाने का आह्वान किया।

Greater Noida News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ग्रेटर नोएडा के नवादा स्थित आर्य समाज में आयोजित विशेष कार्यक्रम में धार्मिक और सामाजिक चिंतन के साथ देश की वर्तमान परिस्थितियों पर भी मंथन किया गया। आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में आर्य समाज के विद्वानों ने समाज में जागरूकता, एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर देते हुए ‘सोया अर्जुन’ जगाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कर्तव्यबोध, नीति और धर्म की स्थापना के प्रतीक हैं। आज के दौर में युवाओं और समाज को उनके जीवन एवं संदेश से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।Greater Noida News:
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान आचार्य योगेश भारद्वाज ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पूरे हिंदू समाज को एकजुट करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में इन शक्तियों का सामना करने के लिए सामूहिक संकल्प शक्ति को मजबूत करना होगा। आचार्य योगेश भारद्वाज ने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज के भीतर मौजूद ‘सोए हुए अर्जुन’ को जगाया जाए, ताकि देश और समाज के सामने खड़ी चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना किया जा सके। उन्होंने श्रीकृष्ण के संदेश को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए सामाजिक जागरूकता और संगठन को जरूरी बताया।
आर्य प्रतिनिधि सभा गौतम बुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार आर्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने समय में जिन आसुरी शक्तियों का विनाश किया था, वे शक्तियां आज भी अलग-अलग रूपों में सिर उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे आदर्शों की आवश्यकता है जो अन्याय और देशविरोधी शक्तियों के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा दें। डॉ. राकेश कुमार आर्य ने कहा कि श्रीकृष्ण और उनके शिष्य अर्जुन के जीवन से कर्तव्य, संघर्ष और धर्म के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने मनुस्मृति के नाम पर हिंदू समाज को विभाजित करने के प्रयासों का भी विरोध किया और कहा कि समाज को बांटने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाषा प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष ब्रह्मचारी आर्य सागर ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने अनेक प्रकार की सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में भगवान श्रीकृष्ण के उज्ज्वल चारित्रिक पक्ष को युवा पीढ़ी के सामने रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति और उसके आदर्शों से जोडऩे के लिए केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित रहने के बजाय श्रीकृष्ण के जीवन, उनके विचारों और उनके कर्तव्यबोध को समझाने की आवश्यकता है। उन्होंने आधुनिक सामाजिक जीवन में बढ़ती कुछ प्रवृत्तियों पर चिंता जताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में संस्कार और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। Greater Noida News:
कार्यक्रम में उपस्थित आर्य समाज के विद्वानों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भारतीय सनातन संस्कृति की उज्ज्वल परंपरा के प्रतीक हैं। उनके व्यक्तित्व में नीति, कूटनीति, धर्म, कर्तव्य, संघर्ष और लोककल्याण का समन्वय दिखाई देता है। वक्ताओं ने कहा कि श्रीकृष्ण के चरित्र को लेकर किसी भी प्रकार की गलत धारणा अथवा अनावश्यक विवाद भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की मूल भावना को प्रभावित करता है। उन्होंने समाज से श्रीकृष्ण के जीवन और संदेश को सही संदर्भ में समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. धर्मप्रकाश आर्य, डॉ. गजराज सिंह आर्य, देव मुनि जी महाराज और पूरन पहलवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन वेद प्रचारिणी सभा के जिला अध्यक्ष एवं प्रधान विजेंद्र सिंह आर्य ने किया। इस अवसर पर रंगीलाल आर्य, बलबीर सिंह आर्य, प्रिंसिपल नरपत सिंह, मास्टर विजय सिंह आर्य, गजराज सिंह आर्य, रामप्रसाद आर्य, माता भगवती देवी, रीता आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्य समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और युवाओं में संस्कार एवं कर्तव्यबोध की भावना मजबूत करने का संकल्प लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में ‘सोया अर्जुन जगाने’ का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया और वक्ताओं ने कहा कि श्रीकृष्ण के संदेश को वर्तमान परिस्थितियों में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी। Greater Noida News:
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