
Baba Bageshwar Exclusive: ग्रेटर नोएडा। यूपी के ग्रेटर नोएडा शहर में श्रीमदभागवत कथा सुनाने के लिए आए बाबा बागेश्वर धाम वाले 'बाबा' का 'फ्लाप शो' अभी भी जारी है। कथा के पंडाल में भक्तों की संख्या में हर रोज कम हो रही है। यह अलग बात है कि बाबा से अकेले में 'पर्सनल' मुलाकात करने वालों की संख्या बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि कथा के पंडाल में भीड़ घटने से 'बाबा' पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। दरअसल, उनके पूंजीपति चेलों की संख्या बढ़ने से वे खूब खुश हैं।
आपको बता दें कि बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों यूपी के ग्रेटर नोएडा शहर में हैं। वें यहां जैतपुर डिपो मेट्रो स्टेशन के पास श्रीमदभागवत कथा सुना रहे हैं। यह अलग बात है कि इस कथा में कथा तो बेहद कम है 'बाबा' की अपनी 'व्यथा' ज्यादा है। 10 जुलाई से शुरू हुई कथा 16 जुलाई, रविवार तक चलेगी। कथा में भक्तों के बैठने के लिए 200 बीघा जमीन घेर कर विशाल पंडाल बनाया गया है।
दावा तो यह किया जा रहा था कि कथा सुनने 20 लाख श्रोता आने वाले हैं किंतु शुक्रवार को कथा वाला पंडाल मुश्किल से एक चौथाई ही भरा था। पूरे आयोजन पर नजर रखने वाले स्थानीय गुप्तचर इकाई एलआईयू के एक अधिकारी ने चेतना मंच को बताया कि शुक्रवार को बाबा बागेश्वर धाम वाले पंड़ित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 6 7 हजार श्रोता ही मौजूद थे। यही हाल बृहस्पतिवार का भी था।
बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ग्रेटर नोएडा में चल रही कथा का 'फ्लॉप शो' में बदलना कोई संयोग नहीं है। दरअसल, 12 जुलाई को बाबा के द्वारा लगाए गए 'दिव्य दरबार' में महिलाओं, बुढ़ों व अन्य भक्तों के साथ हुई बदसलुकी, धक्का मुक्की, भगदड़ के बाद व भारी अव्यवस्था के कारण भक्तों का मोह इस कथा से भंग हो गया।
बचीखुची कमी कथा के लिए बनाई गई कमेटी में पड़ी फूट के बाद लगने वाले बड़े बड़े आरोपों ने पूरी कर दी। कथा के नाम पर ढोंग करने, अवैध वसूली करने, कथा की आयोजन समिति में अपराधियों को शामिल करने जैसे ढेर सारे आरोप कथा के आयोजक 'बाबा' के चेले एक दूसरे पर लगा रहे हैं। यही कारण है कि बाबा बागेश्वर धाम की यह कथा ''फ्लॉप शो'' बनकर रह गई है। रविवार को इस कथा का समापन होना है।
कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को अपने प्रवचन में कहा कि भगवान को यदि पाना है तो भक्तिभाव को बढ़ाना पड़ेगा। भक्तिभाव से ही भक्त को भगवान मिलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जीव आत्मा को माया के बंधन से मुक्त होना है तो भगवान के बंधन में बंधना होगा। भगवान के बंधन से ही सारे बंधनों से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने एक बार फिर सनातन धर्म को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म बताते हुए कहा कि सनातन धर्म का न तो कोई कुछ बिगाड़ पाया है और ना ही बिगाड़ पाएगा। Baba Bageshwar